सागर जिले के बीना रेलवे जंक्शन पर मानवता की मिसाल देखने को मिली। यहां एक घायल महिला अपने पांच साल के बच्चे के साथ स्टेशन परिसर में लावारिस हालत में बैठी मिली। सूचना मिलने पर नानक वार्ड के पार्षद बीडी रजक मौके पर पहुंचे और महिला व उसके बच्चे की मदद करते हुए उन्हें सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया।
स्टेशन परिसर में घायल हालत में मिली महिला
जानकारी के अनुसार बीना रेलवे स्टेशन पर एक महिला अपने पांच वर्षीय बच्चे के साथ घायल अवस्था में बैठी मिली थी। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना नानक वार्ड के पार्षद बीडी रजक को दी। सूचना मिलते ही पार्षद तुरंत स्टेशन पहुंचे और महिला की स्थिति का जायजा लिया।
मौके पर देखा गया कि महिला के पैर में फ्रैक्चर था और उस पर प्लास्टर चढ़ा हुआ था। वह चलने-फिरने में असमर्थ थी और उसका छोटा बच्चा उसके पास बैठा हुआ था। महिला की हालत देखकर पार्षद ने तुरंत उसकी मदद का निर्णय लिया।

शुरुआत में बताया भोपाल का निवासी
पार्षद बीडी रजक ने महिला से बातचीत की तो शुरुआत में उसने खुद को भोपाल का निवासी बताया। इसके बाद उसे भोपाल भेजने की व्यवस्था करने के लिए ‘आवाज’ संस्था से संपर्क किया गया, ताकि महिला को सुरक्षित उसके बताए गए स्थान तक पहुंचाया जा सके।
हालांकि जब पार्षद और अन्य लोगों ने महिला के साथ मौजूद बच्चे से बात की, तो बच्चे ने बताया कि वे लोग बीना में कटरा मंदिर के पास रहते हैं। बच्चे की इस जानकारी के बाद मामले की दिशा बदल गई और महिला के वास्तविक निवास का पता लगाने की कोशिश शुरू की गई।
जीआरपी और आरपीएफ ने की मदद
पार्षद बीडी रजक ने मामले की जानकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) को दी। इसके बाद एक टीम का गठन किया गया। इस टीम में जीआरपी के सतपाल सिकरवार और यतीश गुर्जर के साथ आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार यादव शामिल रहे।
टीम बच्चे द्वारा बताए गए स्थान के आधार पर प्रताप वार्ड क्षेत्र में कटरा मंदिर के पास पहुंची और वहां महिला के परिवार के बारे में जानकारी जुटाई।
पेड़ की डाल गिरने से हुआ था हादसा
जांच के दौरान पता चला कि महिला का पति विकलांग है और पूरा परिवार भीख मांगकर अपना गुजारा करता है। कुछ दिन पहले कटरा मंदिर परिसर में पेड़ की डाल काटने का काम चल रहा था। उसी दौरान एक डाल महिला के ऊपर गिर गई, जिससे उसके पैर में गंभीर चोट आ गई और फ्रैक्चर हो गया। इसके बाद उसके पैर में प्लास्टर चढ़ाया गया था।

एम्बुलेंस से घर पहुंचाया
महिला की स्थिति को देखते हुए उसे एम्बुलेंस के जरिए सुरक्षित उसके घर पहुंचाया गया। इस पूरी प्रक्रिया में पार्षद बीडी रजक, जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पार्षद बीडी रजक ने बताया कि यदि महिला का पति उसे रखने से इनकार करता है, तो मानवीय आधार पर उसे सागर स्थित किसी आश्रम में सुरक्षित स्थान दिलाने की व्यवस्था भी की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि समय पर मदद और संवेदनशीलता से जरूरतमंद लोगों की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।