बीना रेलवे स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग का काम शुरू, तकनीकी उन्नयन से यात्रियों पर असर संभव !

Spread the love

बीना। बीना रेलवे स्टेशन में यार्ड रिमॉडलिंग का काम शुरू हो गया है। इस काम के तहत स्टेशन के यार्ड में तकनीकी उन्नयन किया जा रहा है, जिसमें नए सिग्नल, ट्रैक और प्वाइंट मशीनों का स्थापना के साथ ही सुरक्षा के लिए मौजूदा इंटरलॉकिंग सिस्टम को बदला जा रहा है। अनावश्यक प्वाइंट और क्रॉसिंग हटाकर नई मशीनों को मैनुअली सेट करने के लिए प्री-नॉन-इंटरलॉकिंग (Pre-Non-Interlocking) और इंटरलॉकिंग (Interlocking) का कार्य किया जाएगा।

रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि इस कार्य के लिए मार्च में बीना में मेगा ब्लॉक लिया जाएगा। इस दौरान कुछ ट्रेनों को डायवर्ट करके चलाया जाएगा, जबकि कुछ ट्रेनों को रद्द भी किया जा सकता है। इस काम के लिए आधिकारिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं।

यार्ड रिमॉडलिंग में क्या काम हो रहा है

गति शक्ति यूनिट द्वारा किए जा रहे यार्ड रिमॉडलिंग कार्य में बीना-आगासौद तीसरी रेल लाइन को यार्ड में कनेक्ट करना, बूम बदलना, सिग्नल और प्वाइंट बदलना तथा नई क्रॉसिंग डालना शामिल है। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि मार्च में तकनीकी उन्नयन के तहत प्री-नॉन-इंटरलॉकिंग और इंटरलॉकिंग का कार्य किया जाएगा।

यात्रियों और मालगाड़ियों पर असर

बीना स्टेशन से रोजाना करीब 130 यात्री ट्रेनें और 70 मालगाड़ियां चलती हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्री-नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के दौरान छोटे-छोटे ब्लॉक लेकर काम किया जाएगा। इस दौरान कुछ ट्रेनों को रूट बदलकर चलाया जाएगा और कुछ ट्रेनों को रोकना पड़ेगा। जबकि इंटरलॉकिंग के दौरान बीना से ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद रहेगी।

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कुछ विशेष व्यवस्था करने का विचार किया है। बीना-कटनी-बीना के बीच चलने वाली मेमू स्पेशल और पैसेंजर ट्रेनों को मालखेड़ी स्टेशन से चलाने की तैयारी है, ताकि यात्रियों को ज्यादा परेशानी न हो। इसी तरह बीना-भोपाल-बीना के बीच चलने वाली मेमू ट्रेन को मंडीबामोरा स्टेशन से चलाने पर विचार किया जा रहा है।

इसके अलावा बड़ी संख्या में ट्रेनों को डायवर्ट मार्ग से चलाने की योजना बनाई जा रही है, जबकि कुछ ट्रेनों को रद्द भी किया जाएगा ताकि तकनीकी कार्य समय पर पूरा किया जा सके।

तारीख अभी तय नहीं

पीआरओ मंडल भोपाल नवल अग्रवाल ने बताया कि यार्ड रिमॉडलिंग और इंटरलॉकिंग कार्य की तारीख अभी तय नहीं हुई है। तारीख तय होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि कितनी ट्रेनों को डायवर्ट किया जाएगा और कितनी रद्द रहेंगी। उन्होंने कहा कि अभी इस संबंध में कोई निश्चित जानकारी नहीं दी जा सकती।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यार्ड रिमॉडलिंग और तकनीकी उन्नयन से स्टेशन की सुरक्षा और संचालन क्षमता में सुधार होगा, जिससे भविष्य में ट्रेनों की आवाजाही और यात्रियों की सुविधा बेहतर होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *