बीना विकासखंड में संपन्न हुआ अल्पविराम परिचय प्रशिक्षण कार्यक्रम !

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राज्य आनंद संस्थान, आनंद विभाग एवं मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के संयुक्त तत्वावधान में कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के निर्देशानुसार बीना विकासखंड में एक दिवसीय अल्पविराम परिचय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तनावमुक्त जीवन की ओर प्रेरित करना और जीवन में सकारात्मकता एवं आनंद की अनुभूति बढ़ाना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ और अतिथि

आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी श्री अवधेश राय उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी बीना, श्रीमती रितु जैन ने की।
सत्र का आरंभ जिला संपर्क व्यक्ति (आनंद विभाग) श्री रामकेश तेकाम एवं विकासखंड समन्वयक श्री नीरज शर्मा ने अतिथियों का स्वागत कर किया।

मुख्य अतिथि का उद्बोधन

मुख्य अतिथि श्री अवधेश राय ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि “मध्यप्रदेश शासन द्वारा अल्पविराम प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तनाव मुक्त जीवन प्रदान करना है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से हम जीवन जीने की कला सीखते हैं और अपने भीतर मानवीय मूल्यों को विकसित करते हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि दैनिक जीवन में थोड़ा समय निकालकर अल्पविराम लेने से व्यक्ति अपने भीतर सकारात्मकता का विकास कर सकता है और तनाव प्रबंधन के जरिए जीवन को संतुलित बना सकता है।

प्रशिक्षण सत्र

प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें मास्टर ट्रेनर श्री अनिल राय ने “आनंद की ओर” विषय पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि आनंद केवल बाहरी परिस्थितियों से नहीं, बल्कि आंतरिक चिंतन और आत्मसंतोष से आता है।
इसी क्रम में मास्टर ट्रेनर श्री रामकेश तेकाम ने “जीवन को आनंदमय बनाने में स्वयं की भूमिका” पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि अपने अनुभवों को साझा करने और जीवन का लेखा-जोखा तैयार करने से व्यक्ति को यह समझने में मदद मिलती है कि आनंद कहाँ और कैसे पाया जा सकता है।

कार्यक्रम के अंतिम सत्र में श्री जीवन रजक ने “संपर्क सुधार सुदिशा से स्वयं की मुलाकात” विषय पर अभ्यास कराया। इस दौरान प्रतिभागियों ने अपने-अपने जीवन की परिस्थितियों का आत्मविश्लेषण किया और यह समझा कि सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर कठिनाइयों का समाधान संभव है।

प्रतिभागियों की सहभागिता

प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए और कहा कि यह कार्यक्रम उनके लिए जीवन बदलने वाला साबित हो सकता है। कई प्रतिभागियों ने माना कि कार्यक्षेत्र की व्यस्तता और तनाव के बीच इस तरह के अल्पविराम अत्यंत आवश्यक हैं।

समापन और प्रमाण पत्र वितरण

सत्र के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रितु जैन ने इस पहल को सराहते हुए कहा कि “यदि हम समय-समय पर अपने जीवन में अल्पविराम लेकर आत्मचिंतन करें, तो जीवन की गुणवत्ता और कार्यक्षमता दोनों ही बेहतर होंगी।”

संदेश

कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि तनावमुक्त और आनंदपूर्ण जीवन केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक दायित्वों की प्रभावी पूर्ति के लिए भी आवश्यक है। बीना में आयोजित यह प्रशिक्षण सभी प्रतिभागियों के लिए आत्ममंथन, सकारात्मकता और जीवन कौशल सीखने का अनूठा अवसर रहा।

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