बीना रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब चेन्नई सेंट्रल से श्री माता वैष्णो देवी कटरा जा रही अंडमान एक्सप्रेस (ट्रेन क्रमांक 16031) के यात्रियों ने ट्रेन में फैली गंदगी और पानी की समस्या को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, ट्रेन के एस-6 कोच में शौचालय की अंडरग्राउंड पाइपलाइन फट जाने से पूरा कोच पानी से भर गया। यात्रियों को बैठने तक में परेशानी होने लगी। नाराज यात्रियों ने कैरिज एंड वैगन (C&W) विभाग के एक कर्मचारी को करीब 25 मिनट तक ट्रेन में ही बंधक बनाकर रख लिया।

🕙 समस्या भोपाल स्टेशन से चली, बीना में फूटा गुस्सा
यात्रियों ने सबसे पहले पाइपलाइन लीकेज की शिकायत रेल मदद नंबर 139 पर की थी। भोपाल स्टेशन पर ट्रेन अटेंड की गई, लेकिन तकनीकी खराबी ठीक नहीं हो पाई। इसके बाद जैसे ही ट्रेन सुबह 11:10 बजे बीना स्टेशन पहुंची — यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा।

ट्रेन की सफाई और मरम्मत का काम देख रहे सीनियर टेक्नीशियन कैलाश गोटीराम और टेक्नीशियन अनिल बामने को यात्रियों ने कोच एस-6 में बुलाया। दोनों ने जांच के बाद बताया कि “तकनीकी कारणों से लीकेज बीना में ठीक नहीं हो सकेगा, इसका प्राथमिक उपचार झांसी में किया जाएगा” — बस, यही सुनते ही यात्रियों ने विरोध शुरू कर दिया और एक कर्मचारी को बाहर निकलने नहीं दिया।
👮♂️ आरपीएफ और जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर कराया शांत
स्थिति बिगड़ती देख रेलवे पुलिस (RPF) और जीआरपी तुरंत मौके पर पहुंची। स्टेशन प्रशासन को कंट्रोल रूम से सूचना दी गई, जिसके बाद सीनियर सेक्शन इंजीनियर (C&W) आनंद शेषा, डिप्टी स्टेशन मास्टर एस.सी. सक्सेना सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने यात्रियों को समझाइश दी और कर्मचारी को सुरक्षित बाहर निकाला।
करीब 35 मिनट की मशक्कत के बाद यात्रियों को शांत कराया गया। इसके बाद ट्रेन को सुबह 11:45 बजे बीना स्टेशन से रवाना किया गया।
🚄 टेक्निकल खामी की होगी जांच
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कोच की पाइपलाइन लीकेज की शिकायत की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि शौचालय की अंडरग्राउंड पाइपलाइन में जॉइंट ढीला होने के कारण पानी रिस रहा था। इंजीनियरिंग टीम ने झांसी में समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोच को रिपोर्ट किया है।

📸 घटना से यात्रियों में आक्रोश, रेलवे से सुधार की मांग
घटना के बाद यात्रियों ने रेलवे की रखरखाव व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। यात्रियों का कहना है कि लंबे सफर की ट्रेनों में बेसिक सुविधाओं की अनदेखी आम बात बन गई है, जिससे यात्रियों को असुविधा और गुस्सा दोनों झेलना पड़ता है।