बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) सागर के परिसर में शनिवार देर रात हंगामा खड़ा हो गया। दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने मारपीट और तोड़फोड़ का रूप ले लिया। घटना में एक कार को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। यह कार रविवार सुबह तक भी परिसर में मर्चूरी के पास खड़ी मिली, जिसके आसपास सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात किए गए थे।

घटना कैसे हुई — दो पक्षों में बढ़ा विवाद
सूत्रों के अनुसार, घटना में गोपालगंज निवासी चार–पांच युवक और बीएमसी के छात्र व कर्मचारी शामिल थे।
हालांकि आधिकारिक तौर पर इस विवाद की पुष्टि फिलहाल किसी पक्ष ने नहीं की है।
रात में कार सवार युवक किसी काम से बीएमसी परिसर आए थे, जहां किसी बात को लेकर उनका विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर कुछ युवाओं की भीड़ मौके पर पहुंची, जिन्हें बीएमसी छात्र और कर्मचारी बताया जा रहा है।

कार सवारों ने बचने की कोशिश की, भीड़ ने घेरा
विवाद बढ़ते देख कार सवार युवक मौके से भागने लगे, लेकिन मुख्य गेट बंद होने की वजह से अंदर ही फंस गए। वे तेजी से कार को मोड़कर मर्चूरी की तरफ ले गए, जहां आगे रास्ता बंद था।
पीछे से भीड़ पहुंचने पर कार में बैठे लोग जैसे-तैसे भागकर अपनी जान बचाने में सफल हुए।
उनके निकलते ही गुस्साई भीड़ ने कार को घेर लिया और उस पर जमकर लाठियां बरसाईं।
कांच, दरवाजे और बॉडी के कई हिस्से तोड़ दिए गए।
रविवार सुबह मौके पर कार खड़ी मिली, जिसके पास सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात किए गए थे।
बीएमसी कर्मचारियों का अलग दावा
बीएमसी के कुछ कर्मचारियों ने घटना का अलग संस्करण सामने रखा।
उनके अनुसार—
- रात करीब 12:30 बजे चार–पांच लोग किसी बाहरी विवाद के बाद इलाज कराने पहुंचे थे।
- अस्पताल परिसर में भी वे आपस में गाली-गलौज और मारपीट करने लगे।
- रोकने पर उन्होंने सुरक्षाकर्मियों और हॉस्पिटल स्टाफ से अभद्रता की।
- इसके बाद उन्हें अस्पताल परिसर से बाहर कर दिया गया।
- बाहर निकलते समय वे कार तेजी से भगाते हुए मर्चूरी की दिशा में गए और वहीं कार अनियंत्रित होकर पलट गई।

हालांकि कार के पलटने की जानकारी की पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन क्षतिग्रस्त कार का दृश्य काफी कुछ बयान कर रहा है।
कार मालिक का बयान: ड्राइवर लेकर गया था परिचितों को
कार के मालिक भरत साहू निवासी गोपालगंज ने बताया—
- “मुझे घटना की ज्यादा जानकारी नहीं है।
- मेरा ड्राइवर रात में कुछ परिचितों को छोड़ने बीएमसी गया था।
- वहीं किसी बात को लेकर उनका विवाद हो गया।
- गुस्से में मौजूद कुछ लोगों ने मेरी कार को नुकसान पहुंचाया।”
भरत साहू ने कहा कि वह पूरी घटना के बारे में सुबह जाकर ही जान सके।
पुलिस क्या कह रही है?
इस पूरे मामले में गोपालगंज थाना पुलिस से भी कोई स्पष्ट बयान नहीं मिल पाया है।
न तो घटना की पुष्टि हुई है और न ही किसी शिकायत की बात सामने आई है।
हालांकि बीएमसी परिसर में गार्डों की तैनाती से यह साफ है कि रात में कुछ बड़ा विवाद जरूर हुआ।
स्थिति अभी नियंत्रण में, जांच जारी
घटना के बाद से बीएमसी परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
थाना पुलिस भी पूरे मामले की अलग-अलग कथाओं की सत्यता की जांच कर रही है।
फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है।