सागर नगर स्थित प्रसिद्ध रुद्राक्ष धाम में करुणानिधान प्रभु श्रीराम की पावन कथा का भव्य शुभारंभ श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ हुआ। इस धार्मिक आयोजन का शुभारंभ पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। शुभारंभ अवसर पर रुद्राक्ष धाम का संपूर्ण परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा और वातावरण भक्तिरस से सराबोर हो गया।
कार्यक्रम में प्रेममूर्ति संत श्री प्रेमभूषण जी महाराज का सागर आगमन पर आयोजकों एवं श्रद्धालुओं द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। संत श्री प्रेमभूषण जी महाराज ने अपने श्रीमुख से श्रीराम कथा का रसपूर्ण वर्णन प्रारंभ किया। उनकी अमृतवाणी सुनने के लिए सागर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु रुद्राक्ष धाम पहुंचे। कथा के प्रथम दिन ही भक्तों की भारी उपस्थिति देखने को मिली।

पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने इस अवसर पर कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन आदर्शों से परिपूर्ण है। उनके चरित्र से समाज को सत्य, मर्यादा, त्याग और कर्तव्य का संदेश मिलता है। श्रीराम कथा जैसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और युवा पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने का कार्य होता है। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि रुद्राक्ष धाम जैसे पावन स्थल पर इस प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम सागर जिले की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करते हैं।

संत श्री प्रेमभूषण जी महाराज ने कथा के दौरान प्रभु श्रीराम के बाल स्वरूप, उनके आदर्श जीवन और भक्तों पर उनकी कृपा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का माध्यम है। प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर मानव अपने जीवन को सफल और सार्थक बना सकता है।
कथा स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित बैठने, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि श्रीराम कथा का आयोजन आगामी दिनों तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
कार्यक्रम के अंत में प्रभु श्रीराम की आरती की गई तथा समस्त श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान रुद्राक्ष धाम का वातावरण भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण बना रहा।