इंदौर। भागीरथपुरा क्षेत्र में गंदे पानी की सप्लाई से हालात गंभीर हो गए हैं। बीते तीन-चार दिनों में उल्टी-दस्त और पेटदर्द की शिकायत के चलते 150 से ज्यादा लोग बीमार पड़ चुके हैं। हालत यह है कि आसपास के कई निजी अस्पतालों में बेड कम पड़ गए हैं। फिलहाल अरबिंदो हॉस्पिटल, वर्मा नर्सिंग होम, शेल्बी, डीएनएस और त्रिवेणी हॉस्पिटल में 34 से अधिक मरीज भर्ती हैं।
इसके अलावा क्षेत्र की शासकीय डिस्पेंसरी में भी 36 मरीजों का उपचार किया जा चुका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उपचार में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।

हर गली में बीमार, लंबे समय से आ रहा था गंदा पानी
स्थानीय निवासी वीरेंद्र कश्यप ने बताया कि नलों में लंबे समय से गंदा पानी आ रहा था। दो दिन पहले पानी का रंग भी बदला हुआ था। स्थिति यह है कि लगभग हर गली में दो-तीन लोग बीमार हैं। रहवासियों का कहना है कि पहले भी गंदे पानी की शिकायत की गई थी, लेकिन समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अस्पतालों में हालात बिगड़े, मरीजों की लाइन
वर्मा नर्सिंग होम, त्रिवेणी सहित आसपास के अस्पतालों में लगातार मरीज पहुंच रहे हैं।
- त्रिवेणी हॉस्पिटल में 15 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं, जिनमें एक मरीज आईसीयू में है।
- वर्मा नर्सिंग होम के सभी वार्ड फुल हो चुके हैं। डॉक्टरों के अनुसार कई मरीजों को एक ही दिन में 8-8 आईवी बोतल चढ़ानी पड़ी।
वर्मा नर्सिंग होम के डॉक्टर अभ्युदय वर्मा ने बताया कि सामान्य डायरिया के मरीज 2-3 आईवी में ठीक हो जाते हैं, लेकिन यहां मरीजों की हालत ज्यादा खराब है, एंटीबायोटिक की खुराक भी दोगुनी देनी पड़ रही है।
ड्रेनेज मिला पानी सप्लाय होने का आरोप
पीड़ितों और परिजनों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में ड्रेनेज मिला पानी सप्लाय हो रहा था। वर्मा नर्सिंग होम में भर्ती धापू बाई के परिजन ने कहा कि लंबे समय से नलों में बदबूदार और गंदा पानी आ रहा था।
पार्षद कमल वाघेला ने आरोप लगाया कि कई दिनों तक शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई और गंदा पानी टंकी में चढ़कर सप्लाय किया गया। हालांकि नगर निगम के कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव ने टंकी में गंदगी जाने से इंकार किया। इस पर पार्षद ने सवाल उठाया कि यदि टंकी में गंदगी नहीं गई, तो घरों तक गंदा पानी कैसे पहुंचा?
नेताओं और अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा
देर रात विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक रमेश मेंदोला, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, निगम आयुक्त दिलीप यादव, अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर और पार्षद कमल वाघेला अस्पताल पहुंचे और मरीजों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली।
नगर निगम का दावा है कि टीमों को डोर-टू-डोर सर्वे और पानी की जांच के लिए लगाया गया है। वहीं स्थानीय लोग दोषियों पर सख्त कार्रवाई और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने।