सागर। खुरई रोड स्थित विद्योदय तीर्थ परिसर में मुनि श्री विमलसागर महाराज के ससंघ सानिध्य में चल रहे 720 मंडलीय समवशरण विधान में हजारों की संख्या में जैन धर्मावलंबियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भव्य और ऐतिहासिक बना दिया। शुक्रवार को विधान महोत्सव में पहुंचे विधायक शैलेन्द्र कुमार जैन ने मुनि संघ को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया और धर्मसभा को संबोधित किया।

अपने उद्बोधन में विधायक जैन ने कहा कि जिस प्रकार सागर का भाग्योदय तीर्थ चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में देशभर में विख्यात है, उसी प्रकार आने वाले समय में विद्योदय तीर्थ का नाम भारत के मानचित्र पर उज्ज्वल रूप से अंकित होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे सामूहिक अनुष्ठान समाज में एकता और अखंडता का संदेश देते हैं तथा हमें धर्म, सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।

इस अवसर पर विधान समिति के अध्यक्ष संतोष बिलहरा, चातुर्मास समिति अध्यक्ष प्रकाश जैन, कैट जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मालथौन, भामाशाह महेश बिलहरा, मुकेश ढाना, वीरेन्द्र मालथौन, देवेन्द्र जैना, आनंद स्टील, राजेश रोड लाइंस, दिनेश बिलहरा, अनूप ताले वाले, शैलेन्द्र जैन शालू, अनिल नैनधरा, प्रदीप पड़ा और सट्टू कर्रापुर सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

विधायक शैलेन्द्र जैन को कार्यक्रम में स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित भी किया गया। वहीं, विधान समिति और समाज के पदाधिकारियों ने पुलिस एवं प्रशासनिक सहयोग के लिए आभार प्रकट किया।
विद्योदय तीर्थ में जारी यह समवशरण विधान न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बन रहा है, बल्कि समाजिक समरसता और आध्यात्मिक एकता का भी प्रतीक बनकर उभर रहा है।