राजस्थान विधानसभा में बजट बहस के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार झड़प देखने को मिली। भाजपा विधायक अर्जुनलाल जीनगर ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर भ्रष्टाचार और पेपर लीक के गंभीर आरोप लगाए।
जीनगर ने सदन में कहा कि डोटासरा के शिक्षा मंत्री रहते प्रदेश में 19 बार परीक्षा पेपर लीक हुए, जिससे हजारों युवाओं का भविष्य बर्बाद हुआ। उन्होंने उस घटना का भी जिक्र किया, जब तत्कालीन सीएम अशोक गहलोत के सामने ही शिक्षकों ने तबादलों में पैसे लेने की बात स्वीकार की थी।
सत्ता पक्ष विधायक ने आरोप लगाया कि डोटासरा ने अपने रिश्तेदारों को आरएएस (RAS) में अनुचित तरीके से पास करवाया। लिखित परीक्षा में कम अंक होने के बावजूद इंटरव्यू में चहेतों को अधिक नंबर दिलाए गए, जिससे वे अधिकारी बन गए।

पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत पर निशाना साधते हुए जीनगर ने कहा कि गहलोत ने तीन बार मुख्यमंत्री रहते केवल अपने मंत्रियों और चहेतों की चिंता की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अगर जनता की चिंता की होती, तो आज विपक्ष में नहीं बैठना पड़ता।” जीनगर ने कोरोना काल का उदाहरण देते हुए कहा कि जब जनता महामारी से जूझ रही थी, तब सरकार अपनी कुर्सी बचाने के लिए होटलों में बंद थी।
भाजपा विधायक के इन आरोपों के बाद सदन में हंगामा मच गया। इस बहस के बाद यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि भाजपा सरकार डोटासरा के कार्यकाल के दौरान हुई आरएएस भर्तियों और पेपर लीक के पुराने मामलों की फाइलें फिर से खोल सकती है।