भाजपा स्थापना दिवस: तप, त्याग और संगठन शक्ति का उत्सव !

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सागर। भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस (6 अप्रैल) के अवसर पर सागर जिले के विभिन्न मंडलों में आयोजित बैठकों में युवा नेता अविराज सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह दिन केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि उन अनगिनत कार्यकर्ताओं के तप, त्याग और समर्पण का स्मरण है, जिन्होंने संगठन को आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

बांदरी, मालथौन, ग्राम मुड़िया (धनौरा), खुरई नगर एवं ग्रामीण मंडल सहित विभिन्न स्थानों पर आयोजित बैठकों में उन्होंने कहा कि भाजपा किसी प्रचार माध्यम या सोशल मीडिया के सहारे खड़ी नहीं हुई है, बल्कि यह संगठन कार्यकर्ताओं की वर्षों की तपस्या, जमीनी स्तर पर किए गए परिश्रम और राष्ट्रहित के प्रति अटूट संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा की ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं, जो हर परिस्थिति में संगठन के लिए कार्य करते हैं।

अविराज सिंह ने पार्टी की वैचारिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी नींव श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा स्थापित जनसंघ से पड़ी, जिसे दीनदयाल उपाध्याय के ‘अंत्योदय’ सिद्धांत ने दिशा दी। उन्होंने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी के लोकतांत्रिक मूल्यों और संवाद की राजनीति ने इसे जन-जन तक पहुंचाया, जबकि कुशाभाऊ ठाकरे ने संगठन को मजबूत आधार प्रदान किया। आज नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की मूल आत्मा उसकी पांच निष्ठाओं—राष्ट्रवाद, लोकतंत्र, गांधीवादी समाजवाद, सकारात्मक धर्मनिरपेक्षता और मूल्य आधारित राजनीति—में निहित है। इन सिद्धांतों पर चलते हुए ही पार्टी ने 1984 में मात्र 2 सीटों से शुरुआत कर आज 300 से अधिक सीटों तक का सफर तय किया है। यह केवल चुनावी सफलता नहीं, बल्कि विचारधारा और संगठन की मजबूती का परिणाम है।

अपने संबोधन में अविराज सिंह ने कहा कि भाजपा की राजनीति का केंद्र ‘अंत्योदय’ है, जिसका अर्थ है समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाएं जैसे जनधन योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। यह योजनाएं भाजपा की जनकल्याणकारी सोच को दर्शाती हैं।

उन्होंने आगे कहा कि देश में लिए गए ऐतिहासिक निर्णय—जैसे अनुच्छेद 370 का हटाया जाना, अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण, आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियान—भाजपा की मजबूत इच्छाशक्ति और राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। उन्होंने नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे देश में कौशल आधारित और आधुनिक शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा मिल रहा है।

अविराज सिंह ने संगठन की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भाजपा का आंतरिक लोकतंत्र उसे अन्य दलों से अलग बनाता है। यहां एक सामान्य कार्यकर्ता भी अपने परिश्रम और निष्ठा के बल पर शीर्ष पद तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि संगठन की सबसे छोटी इकाई ‘बूथ’ है और बूथ स्तर का कार्यकर्ता ही भाजपा की वास्तविक ताकत है।

उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए ‘पंच-प्राण’—विकसित भारत का लक्ष्य, गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, अपनी विरासत पर गर्व, एकता और कर्तव्य पालन—को संगठन की भावी दिशा बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा “राष्ट्र प्रथम, फिर दल और अंत में स्वयं” के सिद्धांत पर कार्य करती है, जो इसे एक अनुशासित और विशिष्ट संगठन बनाता है।

मध्यप्रदेश के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यहां भी कार्यकर्ता आधारित संगठन संस्कृति के कारण विकास और सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने युवाओं और वरिष्ठों के समन्वय को भाजपा की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि यही संतुलन संगठन को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।

अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाना है। संगठन के माध्यम से कार्यकर्ताओं को केवल चुनावी कार्यकर्ता नहीं, बल्कि ‘राष्ट्र प्रहरी’ के रूप में तैयार किया जा रहा है, जो देश की चुनौतियों को समझते हुए उनके समाधान में भागीदारी निभाते हैं।

कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिन्होंने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

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