भिंड। नेशनल हाईवे-719 की बदहाल हालत और आए दिन होने वाली मौतों के विरोध में संत समाज का गुस्सा फूट पड़ा है। मालनपुर के पास बरैठा टोल प्लाजा को संतों ने हाईजैक कर फ्री करा दिया है। अब यहां से गुजरने वाली गाड़ियां बिना टोल टैक्स दिए निकल रही हैं। आंदोलन ‘नो रोड-नो टोल’ के नारे के साथ शुरू हुआ।

दंदरौआ धाम के महंत रामदास महाराज, संत समिति के अध्यक्ष कालीदास महाराज और नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे भी धरने पर बैठे हैं। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे बड़ी संख्या में साधु-संत, रिटायर्ड फौजी और समाजसेवियों ने टोल प्लाजा पर पहुँचकर सांकेतिक रूप से टोल बैरियर हटा दिया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है, लेकिन संतों के आक्रोश के आगे प्रशासन बैकफुट पर नजर आ रहा है।

कांग्रेस विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा, “यह सड़क मौत का हाईवे बन चुकी है। जनता परेशान है और सरकार कुंभकर्णी नींद में है। संतों की ‘नो रोड-नो टोल’ की मांग पूरी तरह जायज है। जब तक सड़क नहीं बनती, जनता टैक्स क्यों दे?”
संतों का आरोप है कि 7 महीने पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिले थे। उस समय अधिकारियों को फटकार लगाकर काम शुरू कराने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक एक पत्थर भी नहीं रखा गया।

संतों का कहना है कि पिछले दो सालों में NH-719 पर सैकड़ों लोग और गौवंश अपनी जान गंवा चुके हैं। दंदरौआ सरकार महंत रामदास महाराज ने कहा कि यह आर-पार की लड़ाई है। जब तक हाईवे को सिक्सलेन बनाने का काम धरातल पर शुरू नहीं होता, तब तक टोल वसूली नहीं होने दी जाएगी। संत समाज ने चेतावनी दी है कि जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र होगा।