8 इंजीनियर सस्पेंड, निर्माण एजेंसी ब्लैकलिस्ट
भोपाल के बहुप्रतीक्षित ऐशबाग रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण में गंभीर तकनीकी त्रुटियां सामने आने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ा एक्शन लिया है। शनिवार रात मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि ऐशबाग आरओबी में 90 डिग्री एंगल जैसी गंभीर खामी की शिकायतों पर उन्होंने जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट में लापरवाही की पुष्टि होने के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के 8 इंजीनियरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर दो मुख्य अभियंता (CE) सहित कुल सात इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, एक सेवानिवृत्त अधीक्षण यंत्री (SE) के खिलाफ विभागीय जांच प्रारंभ की जाएगी।
इस पूरे प्रोजेक्ट में त्रुटिपूर्ण डिजाइन प्रस्तुत करने के कारण न सिर्फ निर्माण एजेंसी बल्कि डिजाइन कंसल्टेंट को भी ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जब तक आवश्यक सुधार कार्य पूरे नहीं हो जाते, तब तक इस आरओबी का लोकार्पण नहीं किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि जिन अफसरों को सस्पेंड किया गया है, उनके खिलाफ रविवार को आरोप तय किए जाएंगे और आगे की अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
इस बीच आरओबी में सुधार कार्य के लिए एक विशेष तकनीकी कमेटी गठित की गई है जो संरचनात्मक खामियों को ठीक करने की दिशा में कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता की सुरक्षा है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस कार्रवाई को राज्य सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में जवाबदेही और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।