भोपाल की बेशकीमती सरकारी जमीन पर कब्जा: 36 लोगों को पेशी के लिए नोटिस, गुरुवार को देंगे जवाब

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भोपाल, 18 सितंबर 2025

भोपाल के अनंतपुरा कोकता क्षेत्र में पशुपालन विभाग की करोड़ों रुपए मूल्य की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला बड़ा रूप ले चुका है। जिला प्रशासन ने 36 कब्जाधारियों को नोटिस थमाए थे, जिनकी पेशी गुरुवार को गोविंदपुरा तहसील कार्यालय में होगी। तहसीलदार सौरभ वर्मा ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि कब्जाधारी ठोस सबूत या संतोषजनक जवाब पेश करने में असफल रहते हैं, तो प्रशासन सीधी कार्रवाई करेगा। सबसे पहले कॉमर्शियल प्रॉपर्टी और अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलेगा।


कलेक्टर को सौंपी गई रिपोर्ट

बुधवार को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को पूरी रिपोर्ट सौंपी गई। इसमें स्पष्ट किया गया कि जमीन पर अवैध रूप से कॉलोनियां, मकान, स्कूल, शादी हॉल और खेती तक की जा रही है। डायमंड सिटी कॉलोनी के 20 मकान, बीपीएस स्कूल, द ग्रीन स्केप मेंशन शादी हॉल/रिसोर्ट, एक हॉस्टल और दुकानें भी प्रशासन की रडार पर हैं।


कब्जाधारियों का पक्ष: “हमने वैध तरीके से खरीदी जमीन”

स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने यह जमीन सिद्धार्थ सिन्हा नामक व्यक्ति से खरीदी थी और सभी प्रक्रियाएं – रजिस्ट्री, नामांतरण, डायवर्जन और नक्शे की मंजूरी – वैधानिक तरीके से कराई गई थीं।
उनका दावा है कि जब सरकारी तौर पर बंटवारा (बटांकन) कराया गया था, तब राजस्व निरीक्षक और पटवारी ने खुद बताया था कि यह जमीन सरकारी नहीं है। इसलिए उन्होंने वैध मानकर निर्माण कार्य किए।


सीमांकन में उजागर हुआ सच

जिला प्रशासन ने 27 अगस्त से 3 दिन तक सीमांकन कराया। इस दौरान 11 पटवारी और 3 राजस्व निरीक्षक मौजूद रहे। रिपोर्ट में सामने आया कि—

  • 4 कॉलोनियों के गेट, पार्क और सड़कें सरकारी जमीन पर हैं।
  • डायमंड सिटी में 20 मकान कब्जे में पाए गए।
  • एक प्राइवेट स्कूल, शादी हॉल और फार्महाउस अवैध निर्माण के दायरे में आए।
  • 130 डेसीमल भूमि पर अवैध खेती की जा रही थी।
  • नगर निगम का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और पेट्रोल पंप भी इसी भूमि पर बने हैं।
  • यहां तक कि बायपास का 200 फीट हिस्सा भी पशुपालन विभाग की जमीन पर निकला।

मछली परिवार से जुड़ा मामला और 125 करोड़ की जमीन

यह पूरा विवाद उस समय उठा, जब प्रशासन ने मछली परिवार पर ड्रग्स और रेप केस के चलते बड़ी कार्रवाई शुरू की। 30 जुलाई और 21 अगस्त को इस परिवार से जुड़े 7 अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। जांच में पता चला कि इनकी कीमत लगभग 125 करोड़ रुपए है। इसी कार्रवाई के बाद पशुपालन विभाग ने भी संदेह जताया कि उनकी जमीन पर भी कब्जा है। जांच कराई गई तो आरोप सही निकला।


नोटिस और कार्रवाई की तैयारी

  • 8-9 सितंबर को सभी कब्जाधारियों को नोटिस जारी हुए।
  • नोटिस में 10 दिन का समय दिया गया था।
  • 18 सितंबर को पेशी तय की गई है।
  • प्रशासन का रुख सख्त है – संतोषजनक जवाब न मिलने पर अवैध कब्जे हटाए जाएंगे।

बीजेपी पार्षद के लेटर से सियासी रंग

इस पूरे विवाद के बीच वार्ड-62 के बीजेपी पार्षद और जोन-15 अध्यक्ष राजेश चौकसे के दो लेटर सामने आने से मामला राजनीतिक रंग लेने लगा है।

  1. एक लेटर में दशहरा सांस्कृतिक कल्याण समिति (जंबूरी दशहरा मैदान) को अनुदान न देने की सिफारिश की गई।
  2. दूसरे लेटर में अनंतपुरा कोकता क्षेत्र की एक मस्जिद के पुनर्निर्माण पर आपत्ति दर्ज कराई गई।

चौकसे ने सफाई दी कि अनुदान का मामला ट्रस्ट विवाद से जुड़ा है, इसलिए रोक की मांग की गई थी। वहीं मस्जिद को लेकर उन्होंने कहा कि पहले जांच होना जरूरी है, इसलिए शिकायत की गई।


आगे क्या?

जिला प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन पर कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कॉमर्शियल प्रॉपर्टी, रिसोर्ट, शादी हॉल और अन्य अवैध निर्माण सबसे पहले तोड़े जाएंगे। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई बड़े स्तर पर होगी और इसमें पुलिस बल और बुलडोजर तैयार रखे गए हैं।

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