भोपाल में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को अपने निवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पंजाब सरकार और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उनका कहना था कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए “विकसित भारत – रोजगार और आजीविका की गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (VB-G RAM G)” पर पंजाब में राजनीतिक विरोध हो रहा है, जबकि यह योजना ग्रामीण विकास और मजदूरों के हित में है।

मनरेगा से VB-G RAM G तक का सफर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लगभग 20 साल पहले मनरेगा योजना की शुरुआत हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे यह भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई। मजदूरों की बजाय मशीनों से काम कराया जाने लगा और भारी-भरकम राशि खर्च होने के बावजूद गांवों का सुनियोजित विकास नहीं हो पाया।
उन्होंने बताया कि पिछले एक साल से गहन विचार-विमर्श के बाद, विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह नया कानून लागू किया गया। इसके तहत ग्राम पंचायतें अब ग्रामीण विकास की योजनाओं का निर्धारण स्वयं करेंगी और योजना का कार्यान्वयन अधिक प्रभावी ढंग से होगा।
प्रधानमंत्री के विजन का समर्थन
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना विकसित भारत और विकसित गांव का है। नए कानून में रोजगार की गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिनों तक की गई है और ग्राम पंचायतों को योजनाओं पर अधिक अधिकार दिए गए हैं।
पंजाब और विपक्ष पर तीखा हमला
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पंजाब विधानसभा ने 30 दिसंबर को VB-G RAM G कानून के खिलाफ एक विशेष सत्र बुलाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार और उसके सहयोगी दल केवल अंध विरोध की राजनीति कर रहे हैं।
उन्होंने संसद में विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष का हंगामा कानून और विकास की प्रक्रिया में बाधक है। उन्होंने राहुल गांधी के सवालों पर कहा कि वे “कल्पनालोक में रहते हैं” और देश की वास्तविकता से कटे हुए हैं।
ममता बनर्जी के मंदिर ऐलान पर तंज
शिवराज सिंह चौहान ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा उत्तर बंगाल में महाकाल मंदिर बनाने के ऐलान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव आते ही धर्म और मंदिरों की याद आती है। शिवराज ने तंज कसते हुए कहा—
“चुनाव आते ही त्रिपुण्ड लगाते हैं, हनुमान चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करने लगते हैं।”
स्थानीय विरोध और ‘काला कानून’ की धारणा
पंजाब के ग्रामीण विकास मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंड ने नए कानून को ग्रामीण मजदूरों, गरीबों और अनुसूचित जाति समुदायों के लिए गंभीर प्रभाव वाला बताया और इसे पंजाब में “काला कानून” कहा जा रहा है।
शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बार-बार यह स्पष्ट किया कि यह कानून मनरेगा का उन्नत रूप है और इसका उद्देश्य ग्रामीण रोजगार, आजीविका और गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित करना है।