भोपाल। राजधानी में अपराध और अवैध कब्जों के लिए कुख्यात ‘मछली’ परिवार पर जिला प्रशासन ने फिर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। 23 दिन में करोड़ों की संपत्तियों को जमींदोज करने और करीब 125 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन को मुक्त कराने के बाद अब प्रशासन ने पशुपालन विभाग की 99 एकड़ जमीन पर नजरें गड़ा दी हैं।

12 पटवारी और 2 निरीक्षक करेंगे सीमांकन
गोविंदपुरा एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव और तहसीलदार सौरभ वर्मा के नेतृत्व में बुधवार से इस जमीन का सीमांकन (नप्ती) शुरू हो रहा है। इसके लिए प्रशासन ने 12 पटवारियों और 2 राजस्व निरीक्षकों की टीम तैनात की है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को इस कार्रवाई का पूरा प्लान प्रस्तुत किया गया है। अनुमान है कि 12-13 रकबों में बंटी इस जमीन के सीमांकन में 7 से 10 दिन का समय लगेगा।
कब्जे का बड़ा खुलासा – कॉलोनी और प्लॉट भी शामिल
सूत्रों के अनुसार, इस 99 एकड़ जमीन में से काफी हिस्से पर मछली परिवार का दखल पाया गया है। यही नहीं, एक निजी कॉलोनी का कुछ हिस्सा भी इस जमीन में आ रहा है। प्रशासन ने पहले ही मछली परिवार समेत 20 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। अगर नप्ती में अवैध कब्जा सामने आता है तो तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

ताले खुले और बदले, गड़बड़ी की आशंका
इस बीच, हुजूर एसडीएम विनोद सोनकिया ने बिलखिरिया कलां थाना प्रभारी को पत्र लिखकर बताया कि 30 जुलाई को जिस तीन मंजिला बिल्डिंग को सील किया गया था, उसके ताले हाल ही में खुले मिले हैं। एक ताला बदला हुआ और दूसरा टूटा हुआ पाया गया। इससे गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। अब प्रशासन ने इस मामले में भी पुलिस को कार्रवाई के लिए लिखा है।
23 दिन में करोड़ों की कार्रवाई
- 30 जुलाई: प्रशासन ने मछली परिवार की 6 संपत्तियों को गिराकर लगभग 100 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन कब्जा मुक्त कराई थी।
- 21 अगस्त: शाहवर मछली और यासीन की भव्य कोठी ध्वस्त की गई थी। करीब 15 हजार स्क्वायर फीट एरिया में बनी यह कोठी, पोर्च, गैराज और पार्क सहित 25 करोड़ रुपए की जमीन पर थी।
इसके बाद प्रशासन ने परिवार की बाकी संपत्तियों की जांच तेज कर दी। इसी बीच पशुपालन विभाग ने कोकता बायपास स्थित 99 एकड़ जमीन पर कब्जे की शिकायत की।
जमीन पर बनी कॉलोनियां भी जांच के घेरे में
कोकता बायपास पर मछली परिवार के नाम पर 26 एकड़ जमीन दर्ज है। इसमें से 12 एकड़ जमीन पर कोर्टयार्ड प्राइम कॉलोनी में 250 प्लॉट काटे जा चुके हैं। वहीं, 14 एकड़ जमीन लोधी बिल्डर्स को बेचकर कोर्टयार्ड कस्तूरी कॉलोनी बनाई गई है। खास बात यह है कि दोनों कॉलोनियां टीएंडसीपी से अप्रूव हैं। अब प्रशासन इस जमीन की वास्तविक स्थिति और स्वामित्व की जांच कर रहा है।
अपराध और नशे का कारोबार
गौरतलब है कि शाहवर मछली और उसके भतीजे यासीन को हाल ही में भोपाल क्राइम ब्रांच ने गैमन मॉल के पास से घेराबंदी कर पकड़ा था। तलाशी में उनके पास से एमडी ड्रग, पिस्टल और आपत्तिजनक वीडियो मिले थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी राजस्थान से ड्रग मंगाकर भोपाल के पब और लाउंज में सप्लाई करते थे।