जेपी नगर स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में पहली बार किसी मुख्यमंत्री का दौरा, गैस पीड़ितों के मुद्दों पर बातचीत और भविष्य के मेमोरियल निर्माण पर विचार
भोपाल।
भोपाल के जेपी नगर स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का शनिवार को निरीक्षण करने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहुंचे। इस दौरान उन्होंने फैक्ट्री परिसर का जायजा लिया और गैस राहत से जुड़े अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहली बार है जब कोई मुख्यमंत्री इस फैक्ट्री में आया है, और सरकार इस स्थान को सुरक्षित और उपयोगी बनाने के लिए सभी पक्षों की राय लेगी।

जहरीले कचरे का निपटान और सुरक्षा
डॉ. यादव ने कहा कि पिछले साल फैक्ट्री से जहरीला कचरा हटाया गया। उन्होंने बताया कि कोर्ट के मार्गदर्शन में आने वाले समय में इस स्थान पर मेमोरियल, स्मारक और अन्य उपयोगी योजनाएं बनाई जाएंगी। उनका कहना था कि गैस पीड़ितों के हित में सभी कदम उठाए जाएंगे, और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस जगह का उपयोग केवल समाज और जनता की भलाई के लिए हो।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि 1984 की गैस त्रासदी के समय कांग्रेस शासन ने लोगों को लावारिश छोड़ दिया था, और इस दौरान फैक्ट्री के मालिक वारेन एंडरसन को यहां से भगाने में कांग्रेस का सहयोग रहा। डॉ. यादव ने कहा कि राहुल गांधी को इस पर माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि उनकी दादी और पिता के शासनकाल में यह कलंक बना रहा।
जमीन और विकास योजनाएं
निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री की लगभग 85 एकड़ जमीन के उपयोग पर चर्चा हुई। पुलिस विभाग ने डीआरपी लाइन के लिए जमीन मांगी है। शुक्रवार को जिला प्रशासन और गैस राहत विभाग के अधिकारी भी जमीन से जुड़ी फाइलों की समीक्षा कर रहे थे।

गैस पीड़ित संगठन से मुलाकात नहीं हो सकी
गैस पीड़ित संगठन भी मुख्यमंत्री से मिलने के लिए उपस्थित थे। संगठन की प्रतिनिधि रचना ढिंगरा ने बताया कि वे कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना चाह रहे थे, जैसे:

- कई महिलाओं को मासिक 1,000 रुपये की पेंशन नहीं मिल रही है।
- गैस पीड़ितों के पुनर्वास और स्वास्थ्य पर बनी राज्य स्तरीय समिति की बैठक पिछले 11 वर्षों से नहीं हुई।
हालांकि, मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी, लेकिन संगठन ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में उनके मुद्दों पर सरकार ध्यान देगी।

पिछले साल पीथमपुर में हटाया गया 337 टन जहरीला कचरा
डॉ. यादव ने याद दिलाया कि यूनीयन कार्बाइड फैक्ट्री का 337 मीट्रिक टन जहरीला कचरा 40 साल बाद जनवरी में हटाया गया था। यह कचरा 12 कंटेनरों में उच्च सुरक्षा के बीच पीथमपुर ले जाया गया और बाद में जलाया गया। बावजूद इसके, गैस पीड़ित संगठन का कहना है कि फैक्ट्री में हजारों टन कचरा अब भी दफन है, जिससे 42 बस्तियों का भूजल प्रदूषित हुआ।
मुख्यमंत्री के संदेश
डॉ. यादव ने कहा कि उनकी सरकार बंद पड़ी फैक्ट्रियों का उपयोग रोजगार सृजन के लिए कर रही है और भोपाल को मेट्रोपॉलियन सिटी बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जहां भी रुकावटें हैं, उन्हें हटाया जा रहा है, और गैस पीड़ितों के हित में पूरी संवेदनशीलता के साथ कदम उठाए जा रहे हैं।