मंडला जिले के ककैया गांव में सरपंच ममता मरकाम और उपसरपंच शिवप्रकाश ठाकुर के बीच हुई मारपीट की घटना ने पंचायत राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें सरपंच ममता मरकाम उपसरपंच शिवप्रकाश ठाकुर को चप्पल से पीटती नजर आ रही हैं। घटना के समय सरपंच के पति फागू लाल भी मौके पर मौजूद थे।

विवाद की पृष्ठभूमि
सूत्रों के अनुसार, सरपंच और उपसरपंच के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। सरपंच ममता मरकाम ने पहले भी उपसरपंच पर एट्रोसिटी और जाली हस्ताक्षर के आरोप लगाए हैं। उपसरपंच हाल ही में एक मामले में जमानत पर रिहा हुए हैं।
दोनों पक्षों के आरोप
- सरपंच ममता मरकाम का पक्ष: उनके पति फागू लाल मरकाम का कहना है कि गांव में चल रहे निर्माण कार्य पर उपसरपंच ने सरपंच के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उपसरपंच ने गाली-गलौज और मारपीट की।
- उपसरपंच शिवप्रकाश ठाकुर का पक्ष: उनका कहना है कि वह निर्माण स्थल पर मटेरियल का सैंपल लेने गए थे, जहां बाहर के मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान सरपंच और उनके पति आकर झगड़ा करने लगे।

पुलिस कार्रवाई
बम्हनी थाना प्रभारी अरुण प्रताप भदौरिया के अनुसार, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोप
ग्राम पंचायत ककैया में फर्जी बिलों के माध्यम से सरकारी राशि के गबन के आरोप भी सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरपंच पति फागू लाल मरकाम सचिव और रोजगार सहायक पर दबाव बनाकर अपने रिश्तेदारों के बिलों का भुगतान कराते हैं। कुछ पंचों ने सरपंच पति की दबंगई के चलते सामूहिक रूप से त्यागपत्र भी दे दिया है।

यह घटना पंचायत स्तर पर महिला सरपंच की भूमिका, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक निष्क्रियता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर करती है। स्थानीय प्रशासन को इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए ताकि पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !