सागर, 21 सितम्बर 2025।
सुरखी विधानसभा क्षेत्र के राहतगढ़ में रविवार को सेवा और संस्कार का अनूठा संगम देखने को मिला। मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने यहां ‘एक बगिया मां के नाम’ कार्यक्रम के अंतर्गत वृक्षारोपण और रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। यह आयोजन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में चल रहे सेवा पखवाड़े का हिस्सा रहा।

वृक्षारोपण के साथ मानवता का संदेश
कल्याणपुर ग्राम में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत पौधारोपण से हुई। मंत्री श्री राजपूत ने स्वयं पौधा रोपा और उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा –
“हर व्यक्ति को अपने जीवन के विशेष अवसरों जैसे जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ या अपने पूर्वजों की पुण्यतिथि पर एक पौधा लगाना चाहिए। पौधा लगाना ही नहीं, उसकी देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है। यदि हर नागरिक यह संकल्प ले ले तो आने वाली पीढ़ियों को हरियाली और शुद्ध वातावरण का तोहफा मिल सकता है।”
उन्होंने कहा कि यह अभियान मां के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करने का एक अनूठा प्रयास है। वृक्ष हमारे जीवनदायी मित्र हैं, जो न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हैं बल्कि हमें जीवन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन भी प्रदान करते हैं।

रक्तदान शिविर बना आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि वृक्षारोपण के साथ-साथ एक विशाल रक्तदान शिविर भी आयोजित किया गया। ग्रामीणों, युवाओं और कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर इसमें हिस्सा लिया। कई लोगों ने पहली बार रक्तदान किया और इस सेवा कार्य में भाग लेकर गर्व महसूस किया।
मंत्री राजपूत ने रक्तदान करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया और कहा –
“रक्तदान महादान है। एक बूंद रक्त किसी का जीवन बचा सकता है। जिस प्रकार वृक्ष लगाना आने वाली पीढ़ियों को जीवन देता है, उसी तरह रक्तदान किसी ज़रूरतमंद को नया जीवन प्रदान करता है। आज राहतगढ़ ने सेवा और संवेदना का अद्भुत उदाहरण पेश किया है।”
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। आयोजन समिति के अनुसार, इस दौरान एकत्रित रक्त को जिला अस्पताल और रक्त बैंक में भेजा जाएगा ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को तुरंत मदद मिल सके।

ग्रामीणों का उत्साह और जनभागीदारी
सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर उत्सव जैसा माहौल रहा। ग्रामीण, महिलाएँ, युवा और विद्यार्थी पौधे लेकर पहुंचे और रक्तदान के लिए भी पंजीयन कराया। लोगों में मंत्री से सीधे जुड़ने और सामाजिक सरोकार से जुड़े इस अभियान का हिस्सा बनने का उत्साह देखने लायक था।
गांव के बुजुर्गों ने कहा कि वृक्षारोपण और रक्तदान जैसे कार्य केवल आज के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी अमूल्य योगदान हैं। युवाओं ने इस आयोजन को “सेवा और संस्कार का पर्व” बताया।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अरविंद सिंह राजपूत, डॉ. सुखदेव मिश्रा, डॉ. वीरेंद्र पाठक, मंडल अध्यक्ष प्रियंक तिवारी, सुरेंद्र रघुवंशी, रामकुमार पप्पू तिवारी, शैलेंद्र श्रीवास्तव, विनोद कपूर, विनोद ओसवाल, दादा हरिनारायण तिवारी, रामकुमार यादव, विकास ओसवाल, शैतान राजपूत, जहीर कुरैशी, राहुल तिवारी, अमित राय, प्रवीण गोस्वामी, दीपक जैन डैनी, संजना सिंघई, विशाल खटीक, सोनू सोनी, संदीप शुक्ला, सतीश तिवारी, राजेश तिवारी, राहुल जैन, रामकुमार राय, अनुराग पाठक, याकूब मंसूरी, संदीप मेहता, शहीद मुन्ना कुरैशी, सलीम रंगरेज़, नहीम मंसूरी, डॉ. अयूब खान, पप्पू गुप्ता, रामशरण राय, वीरेंद्र कुर्मी, संजय पटेल, आशीष ऐरन, बृजेंद्र सिंह ठाकुर, बृजेश राजपूत, विक्रम राय, दीपक लोधी, नारायण लोधी, मुजाहिद हसन, नीलेश चतुर्वेदी, राजू लोधी, सुंदर लोधी, सुशील प्रजापति, देवानंद गोस्वामी, जितेंद्र पंथी, राजेंद्र वकील, गोविंद राजपूत, राहुल राजपूत, हनुमंत कुशवाहा, वीरेंद्र कुशवाहा सरपंच, कपिल ठाकुर, वृंदावन अहिरवार, आरिफ कुरैशी, राकेश लोधी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रशासनिक अधिकारियों में एसडीएम अशोक सेन, तहसीलदार निर्मल राठौर, वन अधिकारी (रेंजर) मनीष ठाकुर और विनिता जाटव की विशेष उपस्थिति रही। सभी अधिकारियों ने भी वृक्षारोपण किया और रक्तदान शिविर की सराहना की।

‘सेवा पखवाड़े’ का हिस्सा बना प्रेरणादायी आयोजन
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर देशभर में सेवा पखवाड़ा मनाया जा रहा है। राहतगढ़ का यह आयोजन उसी का हिस्सा रहा। यहां वृक्षारोपण और रक्तदान जैसे कार्यक्रमों ने इसे और भी विशेष बना दिया। मंत्री राजपूत ने कहा कि राहतगढ़ का यह प्रयास सेवा पखवाड़े को सार्थकता प्रदान करता है और इसे आदर्श उदाहरण के रूप में देशभर में प्रसारित किया जाना चाहिए।
राहतगढ़ का ‘एक बगिया मां के नाम’ कार्यक्रम सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज में सेवा और संस्कार की नींव रखने वाला आयोजन सिद्ध हुआ। एक ओर वृक्षारोपण के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया, वहीं रक्तदान शिविर के माध्यम से मानव सेवा का भाव भी प्रकट हुआ।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि हर नागरिक साल में एक पौधा लगाए और समय-समय पर रक्तदान करे तो समाज और प्रकृति दोनों को जीवनदायिनी शक्ति मिलेगी। वास्तव में राहतगढ़ का यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।