संभागीय जनसंपर्क कार्यालय सागर के अनुसार बुधवार को अपर मुख्य सचिव एवं प्रभारी अधिकारी सागर संभाग श्रीमती दीपाली रस्तोगी की अध्यक्षता में संभाग स्तरीय विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, विधायकगण, कमिश्नर सागर संभाग श्री अनिल सुचारी, आईजी श्रीमती हिमानी खन्ना, कलेक्टर्स व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि जेरा, बेबस और चौनपुरा सिंचाई परियोजनाओं का कार्य धीमी गति से चल रहा है, जिसे तेजी से पूरा कर किसानों को लाभान्वित किया जाए। उन्होंने अधूरी नल-जल योजनाओं को पूर्ण करने के लिए शासन से प्राप्त अतिरिक्त राशि के सदुपयोग पर जोर दिया और स्पष्ट निर्देश दिए कि घटिया कार्य करने वाली या अधूरा काम छोड़कर जाने वाली निर्माण एजेंसियों को दोबारा कार्य न दिया जाए।

मंत्री राजपूत ने यह भी कहा कि किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित हो और बुंदेलखंड क्षेत्र की रबी फसल की बुआई के लिए पर्याप्त प्रबंध किए जाएं। उन्होंने राहतगढ़ वॉटरफॉल के सौंदर्यीकरण कार्य को भी शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
विधायकों ने भी अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं उठाईं। हटा विधायक श्रीमती उमा खटीक ने अधिकारियों की अनुपस्थिति और अस्पताल में महिला डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की कमी का मुद्दा उठाया। महाराजपुर विधायक कामाख्य प्रताप सिंह ने हरपालपुर में लंबित जल संवर्धन कार्य और अलीपुरा समिति प्रबंधक द्वारा किसानों से वसूली न करने की शिकायत रखी। वहीं, टीकमगढ़ विधायक यज्ञवेन्द्र सिंह ने भूमि अभिलेखों में वर्षों से लंबित बंदोबस्त कार्य को लेकर पहल करने की बात कही।
अपर मुख्य सचिव श्रीमती रस्तोगी ने निर्देश दिए कि नहरों को अतिक्रमण मुक्त कर मरम्मत कराई जाएं और सड़करहित मुक्तिधामों पर सड़कें बनाई जाएं। उन्होंने सभी विभागों की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन की जनहितैषी योजनाओं का लाभ हर पात्र हितग्राही तक पहुँचना चाहिए, इसके लिए अधिकारी जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित करें।
बैठक के अंत में कमिश्नर श्री अनिल सुचारी ने सभी जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि जिला स्तर की समस्याओं का निराकरण शीघ्र किया जाएगा और राज्य स्तर की समस्याओं को शासन को भेजा जाएगा।