मंदसौर, 15 सितम्बर 2025
मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी में सोमवार सुबह घटित एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। यहां एक प्रेमी जोड़े ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली। घटना ने न केवल दोनों परिवारों बल्कि पूरे क्षेत्र को शोक और सवालों में डुबो दिया है।

मृतकों की पहचान
- अरुण मेघवाल (23), निवासी मूंदड़ी
- पवित्रा चौहान (21), निवासी शकरग्राम, जिला नीमच
दोनों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
कैसे घटी घटना?
पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार :
- शनिवार सुबह पवित्रा घर से कॉलेज जाने के लिए निकली थी।
- दोपहर बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। परिवार ने तलाश शुरू की, लेकिन कोई पता नहीं चला।
- सोमवार सुबह दोनों के जहर पीने की खबर मिली और तत्काल उन्हें जिला अस्पताल लाया गया।
- लेकिन, डॉक्टरों ने रास्ते में ही दम तोड़ देने की पुष्टि कर दी।

अस्पताल में हंगामा
जैसे ही परिजनों को मौत की खबर मिली, अस्पताल परिसर गम और गुस्से से भर गया।
- पवित्रा का भाई गुस्से में शव को बिना पुलिस अनुमति के अस्पताल से बाहर ले जाने लगा।
- मौके पर मौजूद पुलिस कॉन्स्टेबल ने उसे रोका, जिस पर झूमाझटकी भी हुई।
- कुछ देर के हंगामे के बाद शव को वापस अस्पताल ले जाया गया।
प्रेम कहानी और लिव-इन रिलेशनशिप
पिपलिया मंडी चौकी प्रभारी धर्मेश यादव के अनुसार :
- अरुण की शादी चार साल पहले टीना नामक महिला से हो चुकी थी।
- विवाह होने के बावजूद वह पत्नी के साथ नहीं रहता था।
- बीते करीब तीन सालों से उसका पवित्रा के साथ प्रेम संबंध था।
- पिछले एक साल से दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे।
- हालांकि, पवित्रा का अपने मायके आना-जाना बना रहता था।

परिजनों का दुख और समाज में हलचल
दोनों की मौत ने परिवारों को गहरे शोक में डाल दिया है। पवित्रा का अचानक गायब होना, फिर दो दिन बाद उसकी लाश का मिलना परिजनों के लिए किसी त्रासदी से कम नहीं।
ग्रामीणों और परिचितों का कहना है कि इस रिश्ते को लेकर परिजनों में असहमति थी। शादीशुदा युवक के साथ रहने के चलते पवित्रा को कई तरह की सामाजिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
पुलिस जांच जारी
- थाना पुलिस ने पंचनामा बनाकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
- प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों ने कीटनाशक का सेवन किया।
- हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि आत्महत्या के पीछे पारिवारिक तनाव, सामाजिक दबाव या कोई अन्य कारण जिम्मेदार है।

- पिपलिया मंडी की यह घटना एक बार फिर समाज के उन कठोर सवालों को सामने लाती है, जहां रिश्तों की जटिलता, सामाजिक दबाव और व्यक्तिगत फैसलों के बीच जीवन दांव पर लग जाता है।
- अरुण और पवित्रा की मौत ने न केवल दो परिवारों को उजाड़ दिया, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर क्यों आज भी युवा अपनी भावनाओं और रिश्तों को लेकर इतने असुरक्षित हैं कि उन्हें मौत ही एकमात्र रास्ता नज़र आती है।