मकरोनिया क्षेत्र से गुजर रहे सागर–कानपुर नेशनल हाइवे पर नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। सड़क के बीच डिवाइडर निर्माण के लिए खुदाई तो कर दी गई है, लेकिन मौके पर न तो पर्याप्त संकेतक लगाए गए हैं और न ही चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग की उचित व्यवस्था की गई है। इसका नतीजा यह है कि आए दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।
पिछले चार दिनों में ही रात 10 से 12 बजे के बीच चार बाइक सवार और एक कार चालक हादसे का शिकार हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि सड़क का अधिकांश हिस्सा सपाट दिखाई देता है और सामने से आने वाले वाहनों की तेज रोशनी के कारण अचानक शुरू हुई खुदी हुई सड़क नजर नहीं आती। इसी वजह से वाहन चालक सीधे गड्ढों में जा गिरते हैं। इन दुर्घटनाओं में अब तक छह लोग घायल हो चुके हैं, जबकि कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है।

एक मामले में तो गड्ढे में घुसी कार पलटते-पलटते बची, जिससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कार की रफ्तार थोड़ी अधिक होती, तो जानलेवा दुर्घटना हो सकती थी।
मकरोनिया से बहेरिया मार्ग पर यातायात का दबाव पहले से ही काफी अधिक रहता है। इस मार्ग से संभाग के सभी जिलों के साथ-साथ कानपुर और जबलपुर की ओर जाने वाले भारी और हल्के वाहनों की लगातार आवाजाही होती है। यातायात दबाव को देखते हुए कुछ समय पहले सड़क के दोनों ओर से अतिक्रमण हटाकर चौड़ीकरण की योजना बनाई गई थी, लेकिन यह योजना अब तक पूरी नहीं हो सकी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि चौड़ीकरण का काम पूरा किए बिना ही नगर पालिका ने डिवाइडर निर्माण शुरू कर दिया, जिससे सड़क और अधिक संकरी हो गई है। ऊपर से खुदाई के बाद सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
रहवासियों और वाहन चालकों ने मांग की है कि जब तक निर्माण कार्य पूरा न हो जाए, तब तक सड़क पर पर्याप्त संकेतक, रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और रात में लाइटिंग की व्यवस्था की जाए। साथ ही, यातायात पुलिस की तैनाती भी जरूरी बताई जा रही है।
यदि समय रहते नगर पालिका और संबंधित विभागों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में यहां कोई बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की अपील की है।