मकरोनिया रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के स्टॉपेज और सुविधाएं दिलाने की मांग तेज,

Spread the love

पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने रेल मंत्री से किया आग्रह

सागर।
सागर जिले के मकरोनिया रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और प्रमुख ट्रेनों के स्टॉपेज की वर्षों से लंबित मांग को लेकर अब आवाज और बुलंद हो गई है। पूर्व गृहमंत्री एवं वरिष्ठ विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्ण्व को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि मकरोनिया रेलवे स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों का स्टॉपेज स्वीकृत किया जाए और यात्रियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

मकरोनिया का बढ़ता महत्व

मकरोनिया आज सागर का प्रमुख उपनगर बन चुका है। नगर पालिका क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण इलाकों को मिलाकर यहां की जनसंख्या करीब 5 लाख है। यह क्षेत्र न केवल सागर का विस्तार है, बल्कि बंडा और बड़ा मलहरा जैसे इलाकों को भी जोड़ता है। इस लिहाज से मकरोनिया रेलवे स्टेशन का महत्व लगातार बढ़ रहा है।
वर्तमान में यह स्टेशन डी श्रेणी का है, जबकि यहां से प्रतिदिन हजारों यात्री आवागमन करते हैं। इसके अलावा स्टेशन का रेवेन्यू कलेक्शन भी अन्य छोटे स्टेशनों की तुलना में काफी अधिक है। स्टेशन की लोकेशन भी रणनीतिक है—यहां से सैन्य छावनी ढाना, नवीन मालगोदाम और फोरलेन मार्ग निकट ही स्थित है। इसके बावजूद अब तक इस स्टेशन को सी श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है।

बड़ी ट्रेनों का स्टॉपेज नहीं

पूर्व मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने रेल मंत्री को भेजे पत्र में बताया कि मकरोनिया जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन पर अब तक प्रमुख फास्ट ट्रेनों का ठहराव नहीं है। वर्तमान में यात्रियों को केवल सीमित लोकल ट्रेनों की ही सुविधा मिल रही है।
यहां हावड़ा-इंदौर क्षिप्रा सुपरफास्ट, जबलपुर-निजामुद्दीन गोंडवाना एक्सप्रेस, जबलपुर-निजामुद्दीन सम्पर्क क्रांति, जयपुर-जबलपुर दयोदय एक्सप्रेस, गोरखपुर-अहमदाबाद साबरमती एक्सप्रेस और दरभंगा-अहमदाबाद जनसाधारण एक्सप्रेस (साप्ताहिक) जैसी ट्रेनों का स्टॉपेज नहीं है। इन ट्रेनों में यात्रा करने के लिए मकरोनिया और आसपास के यात्रियों को मजबूरी में 7 किलोमीटर दूर सागर स्टेशन जाना पड़ता है।

यात्रियों पर वित्तीय और समय का भार

मकरोनिया क्षेत्र के यात्रियों को सागर रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए 200 से 300 रुपए तक ऑटो रिक्शा भाड़ा देना पड़ता है। खासकर देर रात या सुबह जल्दी आने-जाने वाली ट्रेनों के लिए यह असुविधा और बढ़ जाती है। महिलाएं, छात्र-छात्राएं और बुजुर्ग यात्री तो और ज्यादा परेशानी झेलते हैं।

मकरोनिया को बनाना चाहिए सागर का सब-स्टेशन

पत्र में श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि मकरोनिया एक तेजी से विकसित हो रहा उपनगरीय क्षेत्र है। यहां रेलवे स्टेशन को सागर का सब-स्टेशन घोषित किया जाना चाहिए। इससे न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि स्टेशन पर रेवेन्यू भी और बढ़ेगा।

सुविधाओं का विस्तार भी जरूरी

वर्तमान में मकरोनिया रेलवे स्टेशन पर बुनियादी यात्री सुविधाओं का अभाव है। प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, शौचालय, पेयजल और टिकट काउंटर जैसी सुविधाएं सीमित हैं। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों का मानना है कि अगर यहां ट्रेनों का स्टॉपेज स्वीकृत होता है, तो सुविधाओं का विस्तार भी आवश्यक होगा।

भूपेन्द्र सिंह का अनुरोध

पूर्व गृहमंत्री ने रेल मंत्री से स्पष्ट आग्रह किया है कि

  • प्रमुख फास्ट ट्रेनों का स्टॉपेज मकरोनिया स्टेशन पर स्वीकृत किया जाए।
  • स्टेशन को सी श्रेणी में शामिल कर आधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
  • मकरोनिया को सागर का सब-स्टेशन घोषित करने पर भी गंभीरता से विचार किया जाए।

स्थानीय नागरिकों की उम्मीद

मकरोनिया और आसपास के हजारों नागरिक लंबे समय से इस मांग को उठा रहे हैं। अब जब यह मुद्दा सीधे रेल मंत्री के समक्ष रखा गया है, तो लोगों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही मकरोनिया स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव और यात्री सुविधाओं का विस्तार होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *