मकर संक्रांति पर्व पर गुरुवार को पूरे क्षेत्र में धार्मिक आस्था और उत्साह का माहौल देखने को मिला। क्षेत्र की नदियों के किनारे स्थित धार्मिक स्थलों पर मेले लगे, जहां सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने नदियों में आस्था की डुबकी लगाई और मंदिरों में पहुंचकर पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
क्षेत्र की सुनार नदी, देहार नदी, कोपरा नदी सहित अन्य नदियों के तटों पर दिनभर श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी रही। नदी किनारे परिवार और समूहों में बैठे लोगों ने तिल के लड्डू, गुड़ और अन्य पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया।
घोघरा में लगा विशाल मेला
बैदवारा के समीप घोघरा ग्राम में सुनार नदी के तट पर विशाल मेला आयोजित किया गया। इस मेले में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। लोगों ने स्नान-दान किया और मेले में लगे दुकानों से पूजा सामग्री, खिलौने और घरेलू उपयोग की वस्तुएं खरीदीं। मेले में बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

धार्मिक स्थलों और पिकनिक स्थलों पर भी रही भीड़
मकर संक्रांति के अवसर पर अनेक श्रद्धालु धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों की ओर भी रवाना हुए। टिकीटोरिया, रानगिर, पटनेश्वर धाम, कड़ता नर्सरी और नौरादेही अभयारण्य के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों ने परिवार और मित्रों के साथ पिकनिक मनाई।
वहीं कई श्रद्धालु बरमान सहित अन्य नगरों की पवित्र नदियों में स्नान करने के लिए भी निकले।
बसों और बस स्टैंड पर रही भारी भीड़
मकर संक्रांति के चलते यातायात पर भी इसका असर देखने को मिला। बसों और बस स्टैंड पर यात्रियों की भारी भीड़ रही। महिलाएं संक्रांति पर्व पर मायके जाने के लिए रवाना हुईं, वहीं कई महिलाएं ससुराल से मायके पहुंचीं। अतिरिक्त यात्रियों के कारण कई बसें खचाखच भरी नजर आईं।
कुल मिलाकर मकर संक्रांति पर्व क्षेत्र में आस्था, परंपरा और पारिवारिक मिलन का प्रतीक बनकर सामने आया, जहां धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ मेले और पिकनिक का भी लोगों ने भरपूर आनंद लिया।