मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की अवधि पूरी होने के बाद NDA सरकार फिर से सत्ता में लौटने जा रही है। बुधवार सुबह विधायक दल के नेता युमनाम खेमचंद सिंह वरिष्ठ भाजपा नेताओं और विधायकों के साथ चार्टर्ड विमान से इंफाल पहुंचे और राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।
PTI के मुताबिक, मुख्यमंत्री के रूप में युमनाम खेमचंद का शपथग्रहण शाम 6 बजे लोकभवन में होगा। नई सरकार में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए दो उपमुख्यमंत्री होंगे।
नई सरकार में प्रमुख पद और सामाजिक संतुलन
- डिप्टी सीएम: कुकी समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हुए नेम्चा किपगेन और नागा समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले लोधी दिखो।
- नेम्चा किपगेन मणिपुर की पहली महिला उपमुख्यमंत्री होंगी।
- संभावित मंत्रिमंडल में कोंथौजम गोविंदास सिंह को गृह मंत्री बनाया जा सकता है।

दिल्ली स्थित भाजपा कार्यालय में युमनाम खेमचंद को विधायक दल का नेता चुना गया। इसके बाद आज NDA के घटक दलों के विधायकों की बैठक में मंत्रियों के नामों पर अंतिम मुहर लग सकती है।
पृष्ठभूमि: राष्ट्रपति शासन और जातीय हिंसा
मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदाय के बीच हिंसा के कारण 9 फरवरी 2025 को तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। इसके चार दिन बाद, 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था। अब 12 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति शासन की अवधि समाप्त हो रही है।
युमनाम खेमचंद सिंग्जामेई क्षेत्र (इंफाल वेस्ट) से भाजपा विधायक हैं। वे 2017-2022 तक मणिपुर विधानसभा के स्पीकर रहे और 2022 में बीरेन सिंह की दूसरी सरकार में मंत्री थे। मैतेई समुदाय से आने वाले खेमचंद बीरेन सिंह के नजदीकी हैं, लेकिन कट्टर मैतेई लाइन का हिस्सा नहीं माने जाते। वे हाल के महीनों में शांति प्रयासों में सक्रिय रहे और मई 2023 की हिंसा के बाद कुकी बहुल इलाकों और रिलीफ कैंप का दौरा किया था।

नेम्चा किपगेन: कुकी समुदाय की पहली महिला उपमुख्यमंत्री
नेम्चा किपगेन ने बीरेन सिंह के दोनों कार्यकालों में मंत्री पद संभाला। कुकी बहुल कांगपोकपी से भाजपा विधायक नेम्चा को नई सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाया जा रहा है। बीते वर्षों में उन्होंने सामाजिक कल्याण, सहकारिता, वाणिज्य एवं उद्योग, वस्त्र और सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी संभाली। मई 2023 की हिंसा में उनका सरकारी आवास जला दिया गया था।
भाजपा का बहुमत और विधानसभा संरचना
- मणिपुर विधानसभा में 60 सदस्य हैं।
- वर्तमान में भाजपा के 37 विधायक हैं।
- राष्ट्रपति शासन के कारण विधानसभा पहले निलंबित थी।
- 2022 के चुनाव में भाजपा ने 32 विधायक जीते थे।
- JDU ने छह सीटें जीतीं, जिनमें से पांच विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गए।
- अन्य विधायक: NPP-6, NPF-5, कांग्रेस-5, कुकी पीपुल्स अलायंस-2, जनता दल (यूनाइटेड)-1 और 3 निर्दलीय। एक सीट वर्तमान में खाली है।
सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर जोर
नई सरकार में उपमुख्यमंत्री पद पर दो प्रतिनिधियों का चयन सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। खेमचंद सरकार शांति और विकास पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति पर आगे बढ़ेगी, खासकर मैतेई और कुकी समुदायों के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने के लिए।