रविवार रात महू में भारत की चैंपियंस ट्रॉफी में जीत के बाद एक बड़ा विवाद उत्पन्न हो गया। जीत की खुशी में निकाले गए जुलूस के दौरान दो गुटों के बीच टकराव हो गया, जिससे स्थिति इतनी बिगड़ी कि पत्थरबाजी, आगजनी और तोड़फोड़ जैसी हिंसक घटनाएं घटीं। इसके बाद पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। सेना के जवानों को भी इस स्थिति को संभालने के लिए तैनात किया गया। करीब ढाई घंटे के संघर्ष के बाद स्थिति को काबू में किया जा सका।

रविवार रात करीब 10 बजे, भारत की जीत के बाद 100 से अधिक लोग 40 से ज्यादा बाइक पर सवार होकर जुलूस निकाल रहे थे। इस जुलूस में शामिल लोग जय श्रीराम के नारे लगा रहे थे। इस दौरान जामा मस्जिद के पास आतिशबाजी के दौरान विवाद शुरू हुआ। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के कुछ लोगों को रोका और इसके बाद मारपीट शुरू हो गई। इससे पहले तक मामला सामान्य था, लेकिन पत्थरबाजी के बाद विवाद बढ़ गया।
विवाद बढ़ने के बाद कुछ बाइक सवार लोग पत्ती बाजार, कोतवाली और अन्य स्थानों की तरफ बढ़ गए। इसके बाद पत्ती बाजार क्षेत्र में भी पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिसमें लोग दुकानों और वाहनों को निशाना बना रहे थे। गुस्साए उपद्रवियों ने यहां वाहनों में तोड़फोड़ की और कुछ दुकानों को आग के हवाले कर दिया।
उपद्रवियों ने पत्ती बाजार, जामा मस्जिद, मार्केट चौक, बतख मोहल्ला और धानमंडी क्षेत्रों में 12 से अधिक बाइक और दो कारों को आग लगा दी। पत्ती बाजार क्षेत्र में प्रेस क्लब के अध्यक्ष राधे कौशल के घर में भी आग लगा दी गई। वहीं, बतख मोहल्ले में एक दुकान को आग लगाई गई और मार्केट चौक में दो दुकानों के बाहर आग लगाई गई।

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तत्परता से चार थानों के बल को महू में तैनात किया। कुल मिलाकर करीब 300 से ज्यादा पुलिस अफसर और जवान मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
ग्रामीण एसपी हितिका वासल, कलेक्टर आशीष सिंह और DIG निमिष अग्रवाल रात करीब डेढ़ बजे महू पहुंचे। उन्होंने मौके पर पैदल घूमकर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद आर्मी के 8 जवानों की एक टुकड़ी और QRT (क्विक रिस्पांस टीम) को भी घटनास्थल पर भेजा गया।

इस बवाल में कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है, हालांकि कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है। घायलों में कुछ पुलिस कर्मी और आम नागरिक शामिल हैं। फिलहाल पुलिस ने किसी के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया है और न ही किसी को गिरफ्तार किया है।
कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि पत्थरबाजी और आगजनी करने वालों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस-प्रशासन द्वारा होली और रमजान के दौरान शांति बनाए रखने के लिए तैयारी की जा रही है।
महू विधायक उषा ठाकुर ने भी वीडियो के आधार पर पथराव करने वालों की पहचान करने की बात की और कहा कि ऐसे राष्ट्रद्रोही तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा।

देर रात तक स्थिति सामान्य हो गई, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने पूरी तरह से सतर्कता बरतते हुए महू में भारी पुलिस बल तैनात किया। कलेक्टर और DIG ने स्थिति का लगातार जायजा लिया, और उपद्रवियों को सख्त सजा देने की बात की।

महू में हुई इस हिंसक घटना ने पूरे जिले में तनाव पैदा कर दिया। पुलिस और प्रशासन ने सक्रियता से स्थिति को नियंत्रण में किया, लेकिन इस घटना ने सामाजिक तनाव और हिंसा की ओर बढ़ते कदमों की चेतावनी दी है। प्रशासन की ओर से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है और शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं।