भोपाल। मध्यप्रदेश में फिलहाल मौसम विभाग ने अगले चार दिन तक भारी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश का दौर जरूर देखने को मिल सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में जितने भी मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं, वे प्रदेश से दूर हैं। इसी वजह से फिलहाल तेज बारिश की संभावना नहीं है।

औसत से ज्यादा हुई बारिश
प्रदेश में इस बार मानसून ने 16 जून को दस्तक दी थी। तब से अब तक प्रदेश में औसतन 41.6 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि तक 34.2 इंच पानी गिरना चाहिए था। इस हिसाब से प्रदेश में अब तक 7.4 इंच ज्यादा पानी बरसा है।
- सामान्य बारिश का औसत: 37 इंच
- अब तक हुई बारिश: 41.6 इंच
- औसत से अधिक: 4.6 इंच
यानी, मध्यप्रदेश में इस बार मानसून 10% ज्यादा सक्रिय रहा है।
30 जिलों में बारिश का कोटा पूरा
प्रदेश के 30 से ज्यादा जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया प्रमुख हैं।
कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से डेढ़ सौ प्रतिशत तक पहुंच चुका है। श्योपुर में तो यह आंकड़ा 213% तक दर्ज किया गया है।

सर्वाधिक और न्यूनतम बारिश वाले जिले
- गुना – 65 इंच (प्रदेश में सर्वाधिक)
- मंडला – 57 इंच
- श्योपुर – 56.3 इंच
- शिवपुरी – 54.3 इंच
- अशोकनगर – 54.1 इंच
वहीं, कम बारिश वाले जिलों में स्थिति चिंता जनक है।
- खरगोन – 25.7 इंच
- बुरहानपुर – 25.9 इंच
- खंडवा – 26.8 इंच
- शाजापुर – 26.8 इंच
- बड़वानी – 26.9 इंच
संभागवार बारिश की स्थिति
- ग्वालियर-चंबल: सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी।
- सागर, रीवा, जबलपुर, शहडोल: पूर्वी हिस्सों में सबसे अधिक सक्रिय रहा मानसून। कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी।
- मालवा-निमाड़ (इंदौर-उज्जैन): सबसे कमजोर मानसून। कई जिलों में 27 इंच से कम पानी।
- नर्मदापुरम संभाग: किसी भी जिले में बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ।
प्रमुख शहरों का बारिश रिकॉर्ड
भोपाल
- सितंबर की औसत बारिश: 7 इंच
- पिछले 4 साल से कोटे से ज्यादा पानी
- सर्वाधिक रिकॉर्ड: 30 इंच (सितंबर 1961)
- 24 घंटे का रिकॉर्ड: 9.2 इंच (2 सितंबर 1947)
इंदौर
- सितंबर में अब तक का रिकॉर्ड: 30 इंच (1954)
- 24 घंटे का रिकॉर्ड: पौने 7 इंच (20 सितंबर 1987)
- इस बार 15 से ज्यादा दिनों तक बारिश की संभावना
ग्वालियर
- सितंबर में सर्वाधिक बारिश: 25 इंच (1990)
- 24 घंटे का रिकॉर्ड: 12 इंच (7 सितंबर 1988)
- औसत बारिश: 6 इंच
जबलपुर
- सितंबर में सर्वाधिक: 32 इंच (1926)
- 24 घंटे का रिकॉर्ड: 8.5 इंच (20 सितंबर 1926)
- औसत बारिश: 8.5 इंच
उज्जैन
- सामान्य बारिश: 34.81 इंच
- सितंबर 1961 में ही मानसून का कोटा पूरा – 43 इंच
- 24 घंटे का रिकॉर्ड: 5.5 इंच (27 सितंबर 1961)
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
- अगले चार दिन तक भारी बारिश की संभावना नहीं।
- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में हल्की बूंदाबांदी संभव।
- 15-16 सितंबर से नया सिस्टम सक्रिय होगा।
- इसके बाद पूरे प्रदेश में एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू होगा।
- सितंबर के आखिरी सप्ताह में मानसून की विदाई शुरू हो सकती है।