मध्यप्रदेश में कोरोना से तीसरी मौत, अब तक 123 मामले सामने आए: स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी चिंता का विषय

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भोपाल | 12 जून 2025
मध्यप्रदेश में इस साल कोरोना संक्रमण से तीसरी मौत दर्ज की गई है। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कोविड-19 डैशबोर्ड के माध्यम से सामने आई है। मृतक एक 52 वर्षीय महिला थीं, जो मूलतः रतलाम जिले की निवासी थीं। उन्हें कई पुरानी बीमारियाँ जैसे ब्रोंकियल अस्थमा, टीबी (25 वर्ष पूर्व) तथा मधुमेह (HbA1C 7.4%) थीं, जिसके चलते संक्रमण के बाद उनकी स्थिति गंभीर हो गई थी।

इंदौर के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त महिला को 8 जून को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत पर इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 10 जून को उनकी कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिसके बाद उन्हें एमआरटीबी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में स्थानांतरित किया गया। दुर्भाग्यवश, 11 जून को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

प्रदेश में अब तक 123 केस, 86 एक्टिव मरीज

कोरोना संक्रमण को लेकर बुधवार, 11 जून को राज्य में 21 नए मामले सामने आए। यह इस वर्ष की अब तक की सर्वाधिक दैनिक वृद्धि है। नए मामलों को मिलाकर कुल संक्रमितों की संख्या 123 हो गई है, जिनमें से 86 एक्टिव केस हैं। अब तक 34 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 3 लोगों की मौत हो चुकी है।


मृतकों में सभी महिलाएं, अलग-अलग जिलों से

प्रदेश में इस वर्ष दर्ज की गई तीनों मौतें महिलाओं की हुई हैं:

  1. रतलाम: 52 वर्षीय महिला — ब्रोंकाइटिस, टीबी, मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से ग्रसित थीं।
  2. खरगोन: 44 वर्षीय महिला — हाल ही में प्रसव के बाद एमटीएच अस्पताल में भर्ती हुई थीं। उनकी मौत 6 जून को हुई।
  3. इंदौर: 74 वर्षीय महिला — किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं, जिनकी 27 अप्रैल को अरबिंदो अस्पताल में मौत हुई।

IDSP की उदासीनता, जिलेवार आंकड़े जारी नहीं

कोरोना के फिर से फैलने के बीच एक बड़ी चिंता स्वास्थ्य विभाग की सूचना पारदर्शिता की कमी बन गई है। इंटिग्रेटेड डिजीज सर्विलेंस प्रोग्राम (IDSP) द्वारा अब जिलेवार कोरोना आंकड़े जारी नहीं किए जा रहे हैं। जबकि 2020 से लेकर अब तक नियमित बुलेटिन सार्वजनिक किए जाते रहे हैं। अन्य राज्य अभी भी प्रतिदिन हेल्थ बुलेटिन जारी कर रहे हैं।

IDSP प्रभारी डॉ. अश्विनी भागवत से संपर्क करने की बार-बार कोशिशें की गईं, परंतु उन्होंने फोन अथवा मैसेज का कोई उत्तर नहीं दिया। महामारी के शुरू होने के बाद यह पहला अवसर है जब सरकारी स्तर पर आंकड़ों की जानकारी साझा करने में असहयोग देखा जा रहा है।


Bhopal और Indore में सबसे अधिक केस

दो प्रमुख शहरी जिलों में संक्रमण की स्थिति चिंताजनक है:

  • भोपाल: कुल 13 केस दर्ज, जिनमें 2 नए केस 11 जून को सामने आए।
  • इंदौर: सबसे अधिक 81 केस अब तक दर्ज, जिनमें बुधवार को 12 नए केस जोड़े गए।

JN.1 वैरिएंट का बढ़ता खतरा

देशभर में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी का प्रमुख कारण JN.1 वैरिएंट माना जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’ घोषित किया है। भारत में जांचे गए सैंपलों में से 50% से अधिक मामलों में यही वैरिएंट पाया गया है। इसके बाद BA.2 (26%) और अन्य ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट (20%) की पुष्टि हुई है।

विशेषज्ञों की चेतावनी: कमजोर इम्यूनिटी वाले सतर्क रहें

भोपाल के सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने चेतावनी दी है कि जिन व्यक्तियों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, वे विशेष सावधानी बरतें। इसके अतिरिक्त पुरानी बीमारियों से ग्रसित लोग, गर्भवती महिलाएं, तथा वरिष्ठ नागरिकों को भी भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचने, मास्क पहनने, और बार-बार हाथ धोने जैसी सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।


कोरोना संक्रमण एक बार फिर मध्यप्रदेश में दस्तक दे चुका है। संक्रमण की रफ्तार भले धीमी हो, लेकिन कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों के लिए यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आवश्यक आंकड़े न जारी करना जनहित में गंभीर लापरवाही के रूप में देखा जा रहा है। शासन और प्रशासन को चाहिए कि वे न केवल जनसंपर्क में पारदर्शिता बरतें, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी तैयारियां तेज करें।

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