मध्यप्रदेश में क्रिसमस को लेकर उत्साह चरम पर है। प्रदेशभर के चर्च (गिरजाघर) आकर्षक रोशनी, सजावट और रंग-बिरंगी झालरों से जगमगा उठे हैं। बुधवार रात ठीक 12 बजे प्रभु ईसा मसीह के जन्मोत्सव के साथ ही विशेष आयोजन शुरू हुए। चर्चों में देर रात तक विशेष प्रार्थना सभाएं, बाइबिल पाठ और सामूहिक आराधनाएं आयोजित की गईं।

जैसे ही प्रभु यीशु के जन्म की घोषणा हुई, लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं। चर्च परिसरों में केक काटे गए और कैरोल गीतों की गूंज सुनाई देने लगी। पूरा माहौल प्रेम, शांति और उल्लास से सराबोर नजर आया।
भोपाल के चर्चों में भव्य आयोजन
राजधानी भोपाल के सभी प्रमुख चर्चों में प्रभु यीशु के जन्म को दर्शाने वाली सुंदर चरनियां बनाई गई हैं। प्रतीकात्मक रूप से चर्च के साथ-साथ कई घरों में भी चरनी सजाई गई है, जिसमें मरियम, जोसेफ और बालक यीशु की झांकी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

भोपाल में जिन चर्चों में विशेष आयोजन हो रहे हैं, उनमें प्रमुख रूप से—
- कैथोलिक गिरजाघर असम्पशन, अरेरा कॉलोनी
- लूथ मेरी चर्च, सेवा सदन
- इन्फेंट जीसस चर्च, अयोध्या बायपास
- होली फैमिली चर्च, हबीबगंज
- सेंट जोसेफ चर्च, ईदगाह
- बरखेड़ा सहित अन्य गिरजाघर
टीटी नगर चर्च को विशेष रूप से भव्य तरीके से सजाया गया है, जहां देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। प्रभु यीशु के जन्म के साथ ही लोगों ने एक-दूसरे को बधाई देना शुरू कर दिया और पूरे वातावरण में उत्सव का रंग घुल गया।

इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में भी उत्साह
राजधानी के साथ-साथ इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर सहित प्रदेश के अन्य शहरों में भी क्रिसमस का उत्साह देखने को मिला। चर्चों के बाहर रोशनी, सितारे और क्रिसमस ट्री लगाए गए हैं। कई जगहों पर युवाओं और बच्चों ने कैरोल गीतों की पहले से प्रैक्टिस की और रात में सामूहिक गायन किया।

घर-घर सजा क्रिसमस ट्री, बच्चों में खास उत्साह
शहरों में जगह-जगह आर्टिफिशियल और नेचुरल क्रिसमस ट्री सजाए गए हैं। चर्चों के साथ-साथ कई घर भी रोशनी से जगमगाते नजर आए। देर रात और गुरुवार सुबह सांता क्लॉज बच्चों को गिफ्ट बांटते दिखाई देंगे। लाल टोपी लगाए बच्चे और युवा उत्साह से भरे नजर आए, वहीं कई इलाकों में सामूहिक कैरोल गायन और छोटे-छोटे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।