सागर, 21 मई 2025 – मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित में लिए गए निर्णयों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। रबी विपणन वर्ष 2025-26 में प्रदेश ने 77.75 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अतिरिक्त 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा का सीधा परिणाम है।

मुख्य बिंदु:
- उपार्जन में ऐतिहासिक वृद्धि:
- पिछले वर्ष (2024-25) में प्रदेश में 48.38 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन हुआ था, जबकि इस वर्ष 77.75 लाख मीट्रिक टन की खरीद हुई है।
- इस सफलता पर खाद्य मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने मंत्रि-परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया और उन्हें लोकमाता की प्रतिमा भेंट कर आभार व्यक्त किया।
- किसानों को मिला बेहतर मूल्य:
- गेहूँ का MSP 2425 रुपये प्रति क्विंटल था, लेकिन बोनस के साथ किसानों को 2600 रुपये प्रति क्विंटल मिला, जो देश में सर्वाधिक है।
- 9 लाख से अधिक किसानों को इस योजना का लाभ मिला, जिनमें 1.23 लाख महिला किसान शामिल हैं। महिला किसानों ने 8.98 लाख मीट्रिक टन गेहूँ बेचा।

- महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा:
- 293 ग्रामीण गोदामों का संचालन महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया गया, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ हुआ।
- महिला किसानों के खाते में 2335 करोड़ रुपये (बोनस सहित) और कुल किसानों को 19,322 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
- किसान-हितैषी व्यवस्थाएँ:
- 3623 उपार्जन केंद्र खोले गए, जिनमें से 2440 गोदाम-स्तरीय केंद्र थे, जिससे परिवहन लागत में कमी आई।
- बायोमेट्रिक/OTP आधारित पंजीयन से बिचौलियों पर रोक लगी।
- किसानों को ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग और सीधे बैंक खाते में भुगतान की सुविधा मिली।
- राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की उपलब्धि:
- मध्यप्रदेश गेहूँ उपार्जन में देश में दूसरे स्थान पर पहुँच गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की किसान-हितैषी नीतियों और प्रोत्साहन राशि की घोषणा ने प्रदेश के कृषि क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि हुई है, बल्कि महिला सशक्तिकरण और डिजिटल पारदर्शिता को भी बल मिला है।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता अर्पित सेन
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