मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता को लेकर आम जनता को आश्वस्त किया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा इनकी आपूर्ति पूरी तरह से सुचारू रूप से जारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की कमी या संकट की स्थिति नहीं है और सरकार लगातार निगरानी बनाए हुए है।
रसोई गैस की स्थिति मजबूत
मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के सभी बॉटलिंग प्लांट्स में घरेलू और कॉमर्शियल एलपीजी का पर्याप्त भंडार रखा गया है। घरेलू गैस उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के अनुसार सिलेंडरों की आपूर्ति नियमित रूप से की जा रही है। वहीं, व्यावसायिक उपयोग के लिए भी सरकार द्वारा तय प्राथमिकता के आधार पर गैस सिलेंडरों की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि उपभोक्ताओं की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए गैस प्लांट अतिरिक्त समय तक कार्य कर रहे हैं, ताकि किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही, जिला स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है कि कहीं भी सप्लाई में कोई बाधा न आए।
पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता
प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की स्थिति भी पूरी तरह संतोषजनक बताई गई है। मंत्री के अनुसार, सभी ऑयल कंपनियों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कोई कमी नहीं है। कंपनियों के डिपो से नियमित रूप से सप्लाई जारी है, जिससे राज्यभर में ईंधन की निर्बाध उपलब्धता बनी हुई है।
इससे साफ है कि आम लोगों को वाहन चलाने या परिवहन सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सक्रिय रहे।
कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता के साथ-साथ सरकार कालाबाजारी रोकने के लिए भी कड़े कदम उठा रही है। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एलपीजी की कालाबाजारी पर नियंत्रण के लिए व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया गया है।
अब तक प्रदेश में 2131 स्थानों पर जांच की जा चुकी है, जिसमें 2959 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इसके अलावा 9 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई दर्शाती है कि सरकार किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं कर रही है।
इसी तरह, 438 पेट्रोल पंपों की भी जांच की गई है, जिसमें एक मामले में एफआईआर दर्ज की गई। अधिकारियों को लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे नियमित रूप से पेट्रोल पंपों की जांच करें और किसी भी अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई करें।

पीएनजी और सीएनजी को बढ़ावा
प्रदेश सरकार पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) और कंप्रेस्ड नैचुरल गैस (CNG) के उपयोग को भी बढ़ावा दे रही है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी द्वारा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) संस्थाओं की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी सीजीडी संस्थाएं उपभोक्ताओं की मांग और शिकायतों के समाधान के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करें। इसके अलावा, शहरवार और क्षेत्रवार पीएनजी कनेक्शन की स्थिति का विस्तृत विवरण तैयार किया जाए और आगामी योजनाओं को स्पष्ट किया जाए।
सीजीडी संस्थाओं को यह भी निर्देश दिए गए कि वे विभिन्न क्षेत्रों में कैंप लगाकर लोगों को पीएनजी कनेक्शन के लिए प्रोत्साहित करें। इन कैंपों में जिला प्रशासन, ऑयल कंपनी के अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता
सरकार द्वारा पीएनजी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने की भी योजना बनाई गई है। इसके तहत पेम्फलेट, ब्रोशर और अन्य माध्यमों से लोगों को जानकारी दी जाएगी कि पीएनजी कैसे सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती विकल्प है।
जहां-जहां पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, वहां के घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन करें। इससे एलपीजी पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा।
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। मध्य प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और सीएनजी की पर्याप्त उपलब्धता से आम जनता को राहत मिली है।
साथ ही, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई और पीएनजी को बढ़ावा देने की पहल यह दर्शाती है कि सरकार न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा कर रही है, बल्कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को भी ध्यान में रख रही है।
इस प्रकार, राज्य में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति और पारदर्शी व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।