जबलपुर। राज्य सरकार ने समाज के सबसे कमजोर वर्ग— बुजुर्ग, दिव्यांग, विधवाएं और निराश्रितजन—को राहत देते हुए “पेंशन आपके द्वार” योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। अब पेंशन पाने वालों को बैंक और डाकघरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। सरकार ने तय किया है कि पेंशन लाभार्थियों तक उनके घर पर ही पहुंचाई जाएगी।

योजना का उद्देश्य
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने सभी जिला कलेक्टरों को आदेश जारी करते हुए कहा कि इस योजना की नियमित और सघन निगरानी की जाए।
इस पहल का मकसद है:
- पेंशनभोगियों को लाइन में लगने और यात्रा करने की दिक्कतों से बचाना।
- पेंशन राशि समय पर और सही हाथों तक पहुंचाना।
- ग्रामीण अंचलों के उन लाभार्थियों तक सुविधा पहुंचाना, जिनके गांव से बैंक/डाकघर की दूरी 3 किलोमीटर से अधिक है।
पेंशन वितरण की नई व्यवस्था
- ऐसे क्षेत्रों में अब बैंक कॉरेस्पॉन्डेंट, बैंकिंग सखियाँ, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और स्व-सहायता समूह के सदस्य घर-घर जाकर पेंशन वितरित करेंगे।
- सिंगल क्लिक सिस्टम के जरिए हर महीने पेंशन की राशि सीधे बैंक खातों में जमा होगी।
- लाभार्थी अपने घर या नजदीकी गांव में ही नकद राशि निकाल सकेंगे।
जबलपुर कलेक्टर का बयान
जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि पहले कई बुजुर्ग और दिव्यांगजन पेंशन निकालने के लिए लंबी दूरी तय करते थे। कई बार बैंक में भीड़ और तकनीकी दिक्कतों के कारण राशि निकालने में परेशानी होती थी।
“पेंशन आपके द्वार योजना” से अब यह समस्या खत्म होगी और लाभार्थियों को सम्मानजनक ढंग से घर बैठे पेंशन मिलेगी।

निगरानी और शिकायत निवारण
- योजना की जिला स्तरीय समीक्षा नियमित रूप से होगी।
- कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी शिकायत या गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई करें।
- इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य सरकार की मंशा के मुताबिक, हर पात्र हितग्राही को समय पर पेंशन मिले।
योजना से अपेक्षित लाभ
- बुजुर्ग और दिव्यांगजन यात्रा की थकान और परेशानी से बचेंगे।
- ग्रामीण महिलाओं और विधवाओं को सुरक्षा और सुविधा दोनों मिलेगी।
- सरकार और जनता के बीच विश्वास और पारदर्शिता बढ़ेगी।
- ग्रामीण अंचलों में स्व-सहायता समूह और बैंकिंग सखियों की भूमिका मजबूत होगी।