मध्य प्रदेश में केंद्र सहायता वाले फंड पर सख्ती, ई-यूसी जमा करना हुआ अनिवार्य !

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भोपाल। प्रदेश में केंद्र सरकार की सहायता से संचालित योजनाओं (CSS) के तहत मिलने वाली राशि के उपयोग को लेकर अब सख्ती बढ़ा दी गई है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि केंद्र से प्राप्त अनुदान राशि का इलेक्ट्रॉनिक उपयोगिता प्रमाण पत्र (ई-यूसी) देना अब अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था 1 जनवरी 2026 से लागू कर दी गई है।

फंड का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए कदम

केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद मध्य प्रदेश के वित्त विभाग ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और विभागीय सचिवों को पत्र जारी कर ई-यूसी व्यवस्था का पालन सख्ती से कराने के आदेश दिए हैं। इसके तहत संबंधित विभागों के अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक उपयोगिता प्रमाण पत्र के साथ-साथ पहले से दी जा रही भौतिक (फिजिकल) यूसी की व्यवस्था भी अगले आदेश तक जारी रखनी होगी।

ई-यूसी पोर्टल और पीएफएमएस सुविधा

केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडिचर और पीएफएमएस (Public Financial Management System) की ओर से फरवरी और दिसंबर 2025 में सभी राज्यों को पत्र भेजे गए थे। इन पत्रों में बताया गया है कि अब पीएफएमएस पोर्टल पर ई-यूसी जमा करने की सुविधा उपलब्ध है।

केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि वे अपने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दें कि सभी सीएसएस योजनाओं के लिए ई-यूसी केवल पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से ही जमा किए जाएं।

मुख्य सचिव की जिम्मेदारी

एक्सपेंडिचर डिपार्टमेंट ने यह भी स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी 2026 से ई-यूसी पोर्टल के माध्यम से उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करना सभी राज्यों के लिए अनिवार्य होगा। इस व्यवस्था के पालन की जिम्मेदारी राज्य के मुख्य सचिवों पर होगी। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि यूसी किसी अन्य माध्यम से स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

गलत उपयोग और अनियमितताओं पर रोक

केंद्र सरकार का यह कदम इसलिए जरूरी है क्योंकि कई मामलों में राज्यों को मिली राशि का उपयोग तय उद्देश्य के बजाय अन्य कार्यों में कर लिया जाता है। यह अनियमितता कभी-कभी राज्य सरकार की सहमति से और कभी अधिकारियों की ओर से बिना अनुमति के की जाती है।

विशेष रूप से नगरीय विकास एवं आवास विभाग और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े फंड में 60 से 70 प्रतिशत मामलों में ऐसे अनियमितताओं की जानकारी मिली है। केंद्र सरकार का मानना है कि ई-यूसी व्यवस्था लागू होने से यह सुनिश्चित होगा कि धनराशि केवल उसी कार्य में खर्च हो, जिसके लिए यह प्रदान की गई है, और अनुदान राशि का दुरुपयोग रोका जा सकेगा।

वित्त विभाग ने कहा, “ई-यूसी प्रणाली लागू होने से वित्तीय पारदर्शिता बढ़ेगी और फंड का सही उपयोग सुनिश्चित होगा। सभी विभागों को इस निर्देश का पालन करना अनिवार्य है।”

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