मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री 10 जून के बाद ही होगी। इससे पहले प्रदेश में आंधी, बारिश और गरज-चमक के साथ लू भी चलेगी। रविवार को दक्षिणी हिस्से के 8 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है, जबकि 9 और 10 जून को ग्वालियर-चंबल में हीट वेव यानी, लू भी चल सकती है।

मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 10 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री लेट हो रही है। अगले 3 से 4 दिन तक मानसून के आगे बढ़ने की संभावना कम ही है।
इन जिलों में मौसम बदला रहेगा
बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और सिवनी में आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट है। वहीं, सोमवार को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना में लू का अलर्ट है।

इंदौर, नर्मदापुरम, बड़वानी में बारिश, 13 शहरों में पारा 40 डिग्री के पार
प्रदेश में शनिवार को मौसम के दो रंग देखने को मिले। इंदौर, नर्मदापुरम और बड़वानी के सेंधवा में हल्की बारिश हुई। वहीं, ग्वालियर समेत 13 शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री के पार रहा।
मौसम विभाग का कहना है कि साइक्लोनिक सकुर्लेशन की एक्टिविटी की वजह से मौसम बदला हुआ है। बनी हुई है। इस वजह से आंधी-बारिश वाला मौसम है। अगले 4 दिन ऐसा ही मौसम बना रहेगा।
43 दिन से बारिश का दौर जारी
इस बार भीषण गर्मी में भी आंधी-बारिश वाला मौसम रहा। प्रदेश में 26 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था, जो 7 जून को भी जारी रहा। यानी, लगातार 43 दिन से प्रदेश के किसी न किसी जिले में पानी गिर रहा है, या आंधी चल रही है। शनिवार को भी कई जिलों में बारिश का दौर बना रहा।

मध्य प्रदेश में मानसून की देरी और लू के कहर से प्रदेशवासियों को राहत की उम्मीद कम ही है। मौसम विभाग की चेतावनियों के मद्देनजर लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है