मध्य प्रदेश सरकार के प्रमुख फैसले: ओलावृष्टि से राहत से लेकर सौर ऊर्जा संयंत्र तक !

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भोपाल, 25 मार्च 2024 – मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में हुई ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत देने, सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और उज्जैन को काल गणना का केंद्र बनाने सहित कई अहम फैसले किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इन निर्णयों को मंजूरी दी गई।


1. ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत

हाल ही में प्रदेश के 400 से अधिक गांवों में ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तुरंत सर्वे कर नुकसान का आकलन करने और प्रभावित किसानों को राहत राशि देने के निर्देश दिए हैं। इससे किसानों को आर्थिक सहायता मिलेगी और वे अगली फसल की तैयारी कर सकेंगे।


2. चार बड़े सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना

प्रदेश में नगर निगमों और नगर पालिकाओं के बिजली खर्च को कम करने के लिए चार बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र (सोलर प्लांट) लगाए जाएंगे। इन संयंत्रों से न केवल नगरीय निकायों का बिजली बिल कम होगा, बल्कि जल आपूर्ति योजनाओं को भी सस्ती और निर्बाध बिजली मिलेगी।

  • लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की जल योजनाओं में भी सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा।
  • इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति सुचारू रूप से हो सकेगी।

3. उज्जैन बनेगा काल गणना का प्रमुख केंद्र

कैबिनेट ने फैसला किया कि उज्जैन को काल गणना (समय मापन) का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। उज्जैन की गणितीय और खगोलीय परंपराएं प्राचीन काल से ही सटीक मानी जाती हैं। यहां ज्योतिष और खगोल विज्ञान से जुड़े शोध को बढ़ावा दिया जाएगा।

  • “भारत का नव वर्ष विक्रम संवत” नामक पुस्तिका का विमोचन किया गया, जिसमें विक्रम संवत, प्राचीन यंत्रों और काल गणना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है।

4. गुड़ी पड़वा पर नववर्ष उत्सव

मध्य प्रदेश सरकार ने गुड़ी पड़वा (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) को राज्य स्तर पर नववर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।

  • सभी मंत्री और विधायक अपने-अपने जिलों में इस उत्सव में शामिल होंगे।
  • लोगों को गुड़, धनिया और नीम की पत्तियां खाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जो सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं।

5. ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत निवेश

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) के तहत प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्तावों पर काम चल रहा है।

  • भिंड-चंबल क्षेत्र में 18 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं।
  • ग्वालियर, मुरैना और भिंड में 18 औद्योगिक इकाइयों का भूमि पूजन किया गया।
  • 25 मार्च को उज्जैन संभाग में 25 नई इकाइयों की स्थापना की जाएगी।

6. ओंकारेश्वर वाइल्डलाइफ सेंचुरी

राज्य सरकार ने ओंकारेश्वर में 614 वर्ग किमी में वाइल्डलाइफ सेंचुरी विकसित करने का निर्णय लिया है।

  • यह प्रदेश की 26वीं वन्यजीव संरक्षित क्षेत्र होगी।
  • भविष्य में इसे टाइगर रिजर्व के रूप में विकसित किया जाएगा।

7. विक्रमादित्य पर महानाट्य का आयोजन

12 से 14 अप्रैल तक नई दिल्ली में विक्रम महोत्सव के तहत सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित महानाट्य का मंचन किया जाएगा।

  • यह नाट्य प्रस्तुति प्रदेश के अन्य शहरों में भी आयोजित की जाएगी।
  • निवेशक सम्मेलनों और सांस्कृतिक आयोजनों में भी इसे प्रदर्शित किया जाएगा।

मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की मदद, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा, निवेश आकर्षित करने और सांस्कृतिक विरासत को संजोने की दिशा में अहम कदम उठाए हैं। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

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