खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किया “मेरा ई-केवाईसी” ऐप लॉन्च, घर बैठे कर सकेंगे सत्यापन
मध्य प्रदेश सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक नॉलेज योर कस्टमर) प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि 9 से 30 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई लाभार्थी 30 अप्रैल तक ई-केवाईसी पूरा नहीं कराता, तो उसे मई महीने से राशन मिलने में दिक्कत हो सकती है।

“मेरा ई-केवाईसी” ऐप से घर बैठे करें सत्यापन
मंत्री राजपूत ने बताया कि लाभार्थियों की सुविधा के लिए “मेरा ई-केवाईसी” नामक मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है। इसके जरिए वृद्ध, दिव्यांग या सामान्य व्यक्ति घर बैठे ही अपने और परिवार के सदस्यों का आधार-लिंक्ड सत्यापन कर सकते हैं। इसके लिए आधार नंबर और ओटीपी की आवश्यकता होगी।
गाँव-वार्ड स्तर पर लगाए जा रहे हैं ई-केवाईसी शिविर
राजपूत ने बताया कि हर जिले के गाँव और वार्ड स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहाँ पीओएस मशीन के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन (अंगूठे की छाप) लेकर ई-केवाईसी की जा रही है। यह व्यवस्था पारदर्शी राशन वितरण सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधा
मंत्री ने कहा कि शारीरिक रूप से अक्षम या बुजुर्ग लाभार्थियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। प्रशासनिक टीमें घर-घर जाकर उनका सत्यापन कर रही हैं, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।

क्यों जरूरी है ई-केवाईसी?
- फर्जी राशन कार्ड धारकों पर रोक
- पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त राशन वितरण
- लाभ सीधे योग्य हितग्राहियों तक पहुँचाने में मदद
क्या करें लाभार्थी?
- “मेरा ई-केवाईसी” ऐप डाउनलोड करें
- आधार नंबर और ओटीपी के जरिए लॉगिन करें
- परिवार के सभी सदस्यों का सत्यापन कराएँ
- अगर ऐप का उपयोग नहीं कर सकते, तो नजदीकी ई-केवाईसी शिविर में जाएँ
अंतिम तिथि: 30 अप्रैल 2025
मंत्री राजपूत ने सभी राशन लाभार्थियों से तुरंत ई-केवाईसी पूरा करने की अपील की है, ताकि उन्हें अगले महीने से राशन मिलने में कोई रुकावट न आए।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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