श्रावण मास के तीसरे सोमवार को उज्जैन में बाबा महाकाल की तीसरी सवारी नगर भ्रमण के लिए निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालु श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ शामिल हुए। इस पावन अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अपनी धर्मपत्नी एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सविता सिंह राजपूत के साथ बाबा महाकाल के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा सवारी में शामिल होकर नगर भ्रमण में भागीदारी की।

महाकाल की यह सवारी महाकालेश्वर मंदिर के सभा मंडप से प्रारंभ हुई, जहां चंद्रमौलेश्वर स्वरूप को पालकी में, मनमहेश स्वरूप को हाथी पर और शिवतांडव स्वरूप को गरुड़ रथ पर विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया। मार्ग भर में भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़े, एवं पुष्पवर्षा के साथ माहौल पूरी तरह भक्तिमय बन गया। श्रद्धालु ‘हर हर महादेव’ और ‘जय महाकाल’ के जयकारों के साथ पूरे मार्ग में बाबा की भक्ति में लीन नजर आए।

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने इस अवसर को “जीवन का सौभाग्य” बताया। उन्होंने कहा, “महाकाल की कृपा से ही मध्यप्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाएं सफल हो रही हैं। मैं बाबा से यही प्रार्थना करता हूं कि समस्त प्रदेशवासियों को सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त हो।” उन्होंने उज्जैन को भारत की आत्मा बताते हुए कहा कि यह नगरी केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि देश की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। महाकाल की सवारी में उमड़ा जनसैलाब इस आयोजन को परंपरा नहीं, बल्कि जन-विश्वास का पर्व बनाता है।

सवारी रामघाट पहुंचकर संपन्न हुई, जहां बाबा महाकाल का पवित्र शिप्रा जल से जलाभिषेक किया गया। मंत्रोच्चार, विधिवत पूजा और आरती के साथ सवारी का समापन हुआ। इस मौके पर पशुपालन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल, महाकाल मंदिर समिति के पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम प्रशासन और पुलिस बल द्वारा किए गए थे। इस आयोजन में गंगा-जमुनी तहजीब का सुंदर दृश्य देखने को मिला, जब सभी धर्मों और वर्गों के लोग मिलकर बाबा महाकाल के जयकारे लगाते दिखे। इस सवारी ने एक बार फिर उज्जैन की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता को जीवंत कर दिया।