महिला स्व-सहायता समूहों की गौशालाओं में तिरंगा रैली और ध्वजारोहण की तैयारी तेज़ !

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मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सागर इकाई के मार्गदर्शन में जिले की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित गौशालाएं इस स्वतंत्रता दिवस को सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रप्रेम के रंग में रंगने जा रही हैं। जिले भर में संचालित 25 से अधिक मनरेगा गौशालाओं में 15 अगस्त को ध्वजारोहण के साथ-साथ तिरंगा रैली, पौधारोपण और जन-जागरूकता से जुड़ी कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

इस अनोखी पहल का नेतृत्व स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कर रही हैं, जो न केवल गौ-पालन के कार्य में सक्रिय हैं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से भी गहराई से जुड़ाव रखती हैं। इस अभियान का उद्देश्य ग्राम स्तर पर राष्ट्रभक्ति, स्वच्छता, जल संरक्षण, पशु पोषण और पर्यावरण के प्रति चेतना को सशक्त बनाना है।

मोहली की गौशाला से तिरंगे की गूंज

केसली विकासखंड के ग्राम मोहली की गौशाला संचालक श्रीमती निशा राजपूत ने जानकारी दी कि उनकी गौशाला में महिला समूह की सहभागिता से 14 अगस्त को तिरंगा रैली निकाली जाएगी, जिसमें गांव की गलियों और प्रमुख मार्गों से होकर देशभक्ति के नारों के साथ रैली गुजरेगी। इस रैली के माध्यम से जल संरक्षण, जलजन्य रोगों से बचाव और पौधारोपण के महत्व पर भी ग्रामवासियों को जागरूक किया जाएगा।

रैली के बाद महिला समूहों के साथ विशेषज्ञों की उपस्थिति में एक जागरूकता सत्र भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें जलजन्य बीमारियों की रोकथाम, स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा होगी। 15 अगस्त को गौशाला परिसर में ध्वजारोहण किया जाएगा और वहां फलदार पौधों का रोपण कर पर्यावरण को समृद्ध करने का संकल्प लिया जाएगा।

पड़रिया और रायखेड़ा में भी देशभक्ति के साथ पर्यावरण संरक्षण

इसी क्रम में ग्राम पड़रिया की श्रीमती मूलाबाई आदिवासी भी अपने समूह के साथ तिरंगा रैली निकालेंगी। उन्होंने बताया कि उनकी गौशाला में स्वतंत्रता दिवस के दिन ध्वजारोहण का आयोजन होगा। साथ ही, गौशाला परिसर में पौधारोपण किया जाएगा, जिससे एक हरित और स्वच्छ वातावरण को बढ़ावा मिले।

ग्राम रायखेड़ा में स्थित गौशाला में इस अवसर पर नेपियर घास की कटिंग का रोपण किया जाएगा। यह घास सात दिनों में कटाई योग्य हो जाती है और पशुओं के लिए एक उत्कृष्ट पोषण आहार मानी जाती है। इस नवाचार से जहां पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार होगा, वहीं गौशालाओं की आत्मनिर्भरता में भी वृद्धि होगी।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्थानीय सरपंच की उपस्थिति में रायखेड़ा की गौशाला में भी ध्वजारोहण का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन को एक पर्व की तरह मनाया जाएगा, जिसमें गांव के अन्य नागरिक भी शामिल होंगे।

बरायठा में फलदार पौधों का वितरण और रोपण

ग्राम बरायठा की रामराज स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती रजनी पटेल ने बताया कि उनके समूह की महिलाएं न केवल तिरंगा रैली और ध्वजारोहण करेंगी, बल्कि समूह द्वारा तैयार किए गए फलदार पौधों का आपसी वितरण कर उन्हें खेतों और घरों के आसपास रोपित करेंगी। यह पहल न केवल पर्यावरण को बेहतर बनाएगी, बल्कि भविष्य में फल उत्पादन के माध्यम से समूह की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगी।

आत्मनिर्भर गौशालाओं की दिशा में प्रयास

कलेक्टर श्री संदीप जी आर के मार्गदर्शन में इन गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास भी तेज़ी से चल रहे हैं। हाल ही में उनके निर्देशानुसार गौशालाओं में आमदनी मूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना के अंतर्गत “आचार्य विद्यासागर डेयरी योजना” के अंतर्गत आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत दुग्ध उत्पादक उन्नत नस्ल के पशुओं को गौशालाओं में रखा जाएगा, जिससे नियमित दुग्ध उत्पादन हो और गौशालाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो।

समाज निर्माण में महिलाओं की भागीदारी

गौरतलब है कि मनरेगा के माध्यम से संचालित इन गौशालाओं की कमान जिन महिला समूहों के हाथ में है, वे न केवल पशुपालन और साफ-सफाई के दायित्वों को पूरी कुशलता से निभा रही हैं, बल्कि अब सामाजिक जागरूकता के अभियानों में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। स्वतंत्रता दिवस के बहाने ये महिलाएं गांव-गांव में पर्यावरण, स्वास्थ्य और स्वच्छता का संदेश लेकर निकल रही हैं, जो कि एक नया सामाजिक परिवर्तन का संकेत है।

सागर जिले की गौशालाएं अब केवल पशुपालन केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण के मॉडल बन रही हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों की यह पहल न केवल गांवों को हरा-भरा और स्वच्छ बना रही है, बल्कि अगली पीढ़ियों को भी एक सकारात्मक और देशभक्ति से परिपूर्ण सोच प्रदान कर रही है।

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