मालथौन में रक्षाबंधन पर पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह का बहनों से वादा – “जब तक यह भाई जीवित है, बहनों पर संकट नहीं आने दूंगा”

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मालथौन, सागर।
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मालथौन में एक अनूठा और भावुक नजारा देखने को मिला, जब हजारों बहनों ने पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह के हाथ पर रक्षासूत्र बांधा। बहनों से राखी बंधवाने के बाद उन्होंने भावुक शब्दों में संकल्प दोहराया – “जब तक यह भाई जीवित है, बहनों पर कोई संकट नहीं आने दूंगा।”

श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि रक्षाबंधन मात्र एक त्योहार नहीं, बल्कि यह भाई-बहन के अटूट विश्वास और सुरक्षा के वचन का प्रतीक है। उन्होंने महाभारत काल का प्रसंग याद करते हुए बताया कि कैसे द्रौपदी ने भगवान श्रीकृष्ण की अंगुली पर अपनी साड़ी का टुकड़ा बांधा था और बदले में कृष्ण ने उसके सम्मान की रक्षा की। उन्होंने कहा – “यह रक्षा सूत्र केवल धागा नहीं, बल्कि विश्वास और संकल्प का बंधन है।”

नारी शक्ति के उदाहरण और प्रेरणाएँ

अपने संबोधन में श्री सिंह ने कहा कि जब तक बहनें समाज में बराबरी से आगे नहीं बढ़ेंगी, तब तक समाज का विकास अधूरा रहेगा। उन्होंने देश की वीरांगनाओं जैसे कर्नल सोफिया कुरैशी, विंग कमांडर व्योमिका सिंह, रानी दुर्गावती, रानी कमलापति, रानी लक्ष्मीबाई, रानी अवंती बाई और रानी अहिल्याबाई के साहस का उल्लेख करते हुए बताया कि हमारी संस्कृति में नारी को देवी का स्थान दिया गया है और कन्याओं की पूजा की जाती है।

उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बहन-बेटियों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का भी जिक्र किया, विशेषकर “लाडली बहना” योजना के तहत इस बार रक्षाबंधन पर 1500 रुपये और दीपावली से हर महीने 1500 रुपये की सहायता राशि।

गरीब बहनों के अधिकारों की लड़ाई

श्री भूपेन्द्र सिंह ने कार्यक्रम में मौजूद गरीब और आदिवासी बहनों की समस्याओं पर विशेष जोर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मालथौन के कई आदिवासी परिवारों की जमीनों पर अवैध कब्जा किया गया है। विकास कार्यों के कारण यहां की जमीन की कीमत एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच चुकी है, लेकिन असली मालिक गरीबी में मजदूरी कर रहे हैं, जबकि कब्जाधारी आलीशान गाड़ियों में घूम रहे हैं।

उन्होंने संकल्प लिया कि एक-एक इंच सरकारी और गरीबों की जमीन कब्जाधारियों से मुक्त कराएंगे। उन्होंने कहा – “जब तक आपका यह भाई जिंदा है, किसी भी गरीब बहन या भाई की जमीन पर कब्जा नहीं रहने दूंगा।” उन्होंने जानकारी दी कि अब तक एक परिवार से 20 एकड़ जमीन मुक्त कराई जा चुकी है और 20 एकड़ और भी जल्द कब्जे से मुक्त कराई जाएगी।

मालथौन में विकास कार्यों की झलक

पूर्व मंत्री ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 10 साल में मालथौन की तस्वीर बदल दी है। यहां कालेज, अस्पताल, स्टेडियम, ऑडिटोरियम, तहसील भवन, न्यायालय, कृषि उपज मंडी, पार्क, बस स्टैंड और पीने के पानी की बेहतर व्यवस्था की गई है। पहले जहां पानी कुप्पियों में बिकता था, अब हर सुविधा उपलब्ध है। दस हजार आवासीय पट्टे गरीबों को बांटे गए हैं और आगे भी बांटे जाएंगे।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के बावजूद कुछ लोग उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं, क्योंकि वे गरीबों के हित के लिए लड़ रहे हैं। लेकिन रक्षासूत्र के इस बंधन ने उनके संकल्प को और मजबूत कर दिया है।

राखी बंधवाने का क्रम

सबसे पहले सीपुर की भूरीबाई आदिवासी, श्रीबाई आदिवासी, पुष्पाबाई आदिवासी और मालती अहिरवार ने राखी बांधी। इसके बाद डेढ़ हजार से अधिक बहनों ने उन्हें रक्षासूत्र बांधा। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष अरविंद सिंह लोधी, नगर परिषद अध्यक्ष जयंत सिंह बुंदेला, प्रहलाद सिंह राजपूत सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में बहनें मौजूद रहीं।

रक्षाबंधन के इस अवसर ने न केवल भाई-बहन के रिश्ते को और प्रगाढ़ किया, बल्कि मालथौन की बहनों के बीच यह विश्वास भी मजबूत किया कि उनका यह भाई उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए हमेशा खड़ा रहेगा।

ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !

संवाददाता – अर्पित सेन
7806077338, 9109619237

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