मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान के तहत ग्राम भौरासा, पथरिया में आयोजित शिविर में संभागायुक्त डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत ने ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। शिविर में कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, डिप्टी कमिश्नर विनय द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

संभागायुक्त डॉ. रावत ने अधिकारियों से अब तक की कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने बी-1 वाचन बटवारा और अन्य संबंधित मामलों पर जानकारी ली। ग्राम भौरासा के निवासी अमोल पटेल ने अपनी खेती की जमीन से संबंधित समस्या उठाई, जिसे तुरंत हल करने के निर्देश दिए गए। लीलाधर पटेल ने कूप निर्माण से संबंधित राशि के भुगतान में देरी की शिकायत की, जिस पर अधिकारियों ने बताया कि देयक लग चुके हैं और भुगतान जल्द ही किया जाएगा। एक अन्य बुजुर्ग ग्रामीण हरिराम ने बारिश में अपना मकान गिरने की शिकायत की और सहायता की मांग की, जिस पर अधिकारियों ने बताया कि उनका प्रकरण पहले ही स्वीकृत हो चुका है।

संभागायुक्त डॉ. रावत ने एसडीएम निकेत चौरसिया से कहा कि आर.बी.सी. 6-4 के प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए। इसके अलावा, ग्रामीणों द्वारा रास्ता बंद होने और बंदोबस्त में त्रुटि के कारण श्मशान भूमि की समस्या भी उठाई गई, जिसे त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए।
शिविर में टी.बी. के मरीजों के लिए एक्स-रे की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई थी। एक्स-रे मशीन से जांच के परिणाम केवल एक मिनट में मिल रहे थे, और डॉक्टर ने तुरंत दवाइयां लिखी। इस नई उन्नत तकनीक को देखकर संभागायुक्त ने प्रसन्नता जताई और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से इस मशीन के बारे में चर्चा की। शिविर के दौरान दोपहर 12:30 बजे तक 20 एक्स-रे किए गए थे।

संभागायुक्त डॉ. रावत ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि सभी आवेदन और समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाए। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविर में उपस्थित सभी अधिकारी सुनिश्चित करें कि किसी भी प्रकार की समस्या या आवेदन लंबित न रहे और सभी का त्वरित समाधान हो।
इस शिविर के आयोजन से यह स्पष्ट हुआ कि शासन द्वारा ग्रामीणों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ उन्हें समय रहते मिल सके, और किसी भी प्रकार की समस्याओं का समाधान शीघ्र हो।