मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अचानक दिल्ली रवाना, विभागों की समीक्षा बैठकें बीच में छोड़ींनड्डा को मेडिकल कॉलेज कार्यक्रम का न्योता देने गए

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग और पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की समीक्षा बैठकें बीच में छोड़कर अचानक दिल्ली रवाना हो गए। जानकारी के अनुसार वे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को पन्ना, बैतूल, कटनी और धार में पीपीपी मोड पर प्रस्तावित मेडिकल कॉलेजों के भूमिपूजन कार्यक्रम का निमंत्रण देने पहुंचे हैं।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में स्वास्थ्य, सहकारिता और महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा की थी। राज्य सरकार के दो साल के कार्यकाल की उपलब्धियों का मूल्यांकन भी इन बैठकों में किया गया।


लाड़ली लक्ष्मी योजना में ड्रॉपआउट पर सीएम नाराज़

महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान डॉ. यादव ने लाड़ली लक्ष्मी योजना में बढ़ते ड्रॉपआउट मामलों पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि इसकी गंभीरता से जांच की जाए और ड्रॉपआउट रोकने के लिए सख्त निगरानी तंत्र बनाया जाए।

सीएम ने आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए खरीदी जाने वाली सामग्री में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया को पूरी तरह शुद्ध रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कहीं गड़बड़ी पाई गई तो वरिष्ठ अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे।

बैठक में बताया गया कि—

  • मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की ऑनलाइन पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू की है।
  • टेक होम राशन की FRS प्रक्रिया में एमपी को देश में प्रथम स्थान मिला है।
  • 20,243 बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ दिलाकर राज्य ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
  • झाबुआ के ‘मोटी आई’ नवाचार को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार मिला है।
  • पीएम जनमन भवनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग व्यवस्था की केंद्र सरकार ने सराहना की है।

तीन साल की बड़ी कार्ययोजना पेश

सरकार ने अगले तीन वर्षों के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की विस्तृत योजना भी प्रस्तुत की—

  • 2026 से शहरी आंगनवाड़ियों में सेंट्रल किचन से गर्म भोजन उपलब्ध होगा।
  • 2047 विजन के तहत शाला पूर्व शिक्षा में बड़ा निवेश किया जाएगा।
  • 34 लाख बालिकाओं को छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन राशि मिलेगी, लाड़ली लक्ष्मी योजना का विस्तार होगा।
  • 9,000 नए आंगनवाड़ी भवन बनाए जाएंगे।
  • HEW के माध्यम से 1.47 लाख जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग की उपलब्धियां

  • पीएम मातृ वंदना योजना में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को ₹512 करोड़ की सहायता।
  • लाड़ली बहना योजना में ₹36,778 करोड़ की राशि सीधे खातों में ट्रांसफर।
  • महिला हेल्पलाइन से 1.72 लाख महिलाओं को सहायता।
  • 12,670 आंगनवाड़ी केंद्र ‘सक्षम आंगनवाड़ी’ के रूप में उन्नत।
  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत पौधारोपण, ड्राइविंग लाइसेंस और प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्य।

सहकारिता विभाग की समीक्षा में सीएम की चुटकी

सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान सीएम ने कहा कि प्रदेश के जिला सहकारी बैंकों को मर्ज कर एक बड़ा राज्य स्तरीय सहकारी बैंक बनाने के विकल्प पर विचार किया जाए।

उन्होंने “एमपी चीता” बीज ब्रांड नाम पर मजाकिया लहजे में पूछा—
“सहकारिता में फॉरेस्ट कैसे घुस आया?”

सरकार छह जिला सहकारी बैंकों (जबलपुर, रीवा, सतना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी) को 50-50 करोड़ की अतिरिक्त पूंजी देकर मज़बूत करेगी।


स्वास्थ्य विभाग: बांड वाले डॉक्टरों के नियम बदलेंगे

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने बांड वाले डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया में संशोधन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसका प्रस्ताव जल्द कैबिनेट में लाया जाएगा।

सीएम ने प्राइवेट अस्पतालों में अधिक संख्या में हो रहे सीजेरियन ऑपरेशन और 108 एम्बुलेंस द्वारा जबरन निजी अस्पताल भेजने की शिकायतों पर नाराजगी जताई और सख्त निगरानी के निर्देश दिए।

उन्होंने बताया—

  • 2003-04 में जहां प्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 52 हो गई है।
  • सतना में ₹383 करोड़ की लागत से नया अस्पताल बनेगा।
  • प्रदेश में 14 नए नर्सिंग कॉलेज खुल रहे हैं।
  • भोपाल और रीवा में कार्डिएक कैथलैब शुरू हो चुकी है, ग्वालियर और जबलपुर में जल्द शुरुआत होगी।
  • अस्पताल खोलने के लिए निवेशकों को 1 रुपए में जमीन देने का नवाचार— देश में पहला राज्य मध्यप्रदेश

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