मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को वर्चुअल माध्यम से प्रदेशस्तरीय बैठक लेकर पूरे मध्यप्रदेश में चल रहे जल सुरक्षा एवं पेयजल व्यवस्था से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जल सुरक्षा और स्वच्छ पेयजल आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा जाए और सभी जिलों में गहन निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

🔹 “जल सुरक्षा–जल संरक्षण–जल सुनवाई ऐप” का लोकार्पण
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के करकमलों द्वारा
✔ जल सुरक्षा–जल संरक्षण–जल सुनवाई ऐप
का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
यह ऐप प्रदेश में पेयजल सप्लाई की बेहतर मॉनिटरिंग, गुणवत्ता की जांच, शिकायत निवारण और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

🔹 सागर कलेक्टरेट से वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
सागर कलेक्टरेट सभाकक्ष से बैठक में—
- जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक के. वी.
- नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री
- सीएमएचओ श्रीमती ममता तिमोरे
विभिन्न विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ जुड़े।
🔶 अभियान के दो चरणों की विस्तृत रूपरेखा
पहला चरण: 10 जनवरी से 28 फरवरी 2026
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रथम चरण में—
✔ प्रदेश के भूजल एवं सतही जल स्रोतों की गुणवत्ता की गहन जांच
✔ सभी जल शोधन संयंत्रों, टंकियों और वितरण प्रणाली की संपूर्ण सफाई
✔ अभियान को स्वच्छ भारत मिशन से जोड़ने की कार्ययोजना
✔ पाइपलाइन लीक, संदूषण और अवैध कनेक्शन की पहचान
कार्यवाही की जाएगी।

दूसरा चरण: 3 मार्च से 31 मई 2026
इस चरण में—
✔ हर मंगलवार को जनसुनवाई के साथ जल सुनवाई
✔ नागरिक अपनी जल संबंधी शिकायतें टोकन के माध्यम से प्रस्तुत कर सकेंगे
✔ शिकायतों के त्वरित निराकरण की बाध्यता
✔ वार्ड, मोहल्ला, और पंचायत स्तर पर जल समितियों की नियमित बैठकें
मुख्यमंत्री ने कहा कि “जनप्रतिनिधि नागरिकों के बीच से आते हैं, इसलिए पेयजल व्यवस्था सुधारने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।”
🔶 इंदौर की घटना का उल्लेख—कठोर सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता
मुख्यमंत्री ने विगत दिनों इंदौर में हुई जल प्रदूषण घटना का संदर्भ देते हुए कहा—
“ऐसी घटना प्रदेश में कभी न हो, इसके लिए हर बिंदु पर निरंतर निरीक्षण और निगरानी आवश्यक है।”
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि—
✔ पेयजल स्रोत से घर तक पहुंचने तक की पूरी सप्लाई चेन की जांच
✔ सभी शोधन संयंत्रों में आवश्यक परीक्षण उपकरण अनिवार्य रूप से लगाना
✔ समय–समय पर घरों में जाकर पेयजल की क्वालिटी की जांच
✔ प्रदूषण से मुक्त स्वच्छ जल उपलब्ध कराना
यह प्रमुख जिम्मेदारी होगी।
🔶 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित तकनीकी नवाचार
मुख्यमंत्री ने कहा—
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से प्रेरणा लेकर मध्यप्रदेश में तकनीकी समाधानों को अपनाया जा रहा है। नागरिकों को स्वच्छ, स्वास्थ्यप्रद और आनंदमय जीवनशैली देना हमारी सरकार का संकल्प है।”
🔶 ऐप से कैसे सुधरेगी व्यवस्था?
✔ पेयजल पाइपलाइन और सीवर लाइन की मैपिंग
राज्य के सभी नगरीय निकायों में—
- पेयजल आपूर्ति पाइपलाइन
- सीवर लाइन
की मैपिंग कर ऐप पर अपलोड की जाएगी।
✔ टंकी की सफाई की बिफोर–आफ्टर फोटो
पानी की टंकियों की सफाई से पहले और बाद की तस्वीरें ऐप पर अपलोड की जाएंगी, ताकि मॉनिटरिंग और सफाई की तिथि निर्धारित बनी रहे।
✔ नागरिकों को पूरी पारदर्शिता
ऐप पर
- अपने वार्ड की सप्लाई टाइमिंग
- टंकी सफाई की तिथि
- जल गुणवत्ता जांच रिपोर्ट
उपलब्ध होगी, जिससे नागरिक भी निगरानी में सहयोग कर सकेंगे।
🔶 उद्देश्य—स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल हर नल तक
मुख्यमंत्री ने कहा कि—
“प्रत्येक नागरिक को शुद्ध, प्रदूषण-मुक्त और नियमित पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”