छतरपुर जिला प्रशासन की तत्परता से गीता रैकवार को मिला न्याय
छतरपुर। जिला प्रशासन की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई से राजनगर तहसील के ईमलाहां गांव निवासी गीता रैकवार का आधार कार्ड पुनः सक्रिय कर दिया गया है। मृत घोषित होने की गलती के कारण निष्क्रिय हुए आधार कार्ड की वजह से गीता रैकवार को लंबे समय से सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था।
जनसुनवाई में रखी थी समस्या
गीता रैकवार पत्नी मंगलदीन रैकवार ने 13 जनवरी को जिला मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर पार्थ जैसवाल को आवेदन देकर अपनी समस्या से अवगत कराया था। उन्होंने बताया था कि उनका आधार कार्ड निष्क्रिय हो चुका है, जिससे उन्हें राशन, पेंशन सहित अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
कलेक्टर के निर्देश पर शुरू हुई कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने जिला ई-गवर्नेंस प्रबंधक राहुल तिवारी को तत्काल यूआईडीएआई के राज्य कार्यालय भोपाल से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (आरजीआई) के सीआरएस पोर्टल पर गीता रैकवार का नाम गलती से मृत व्यक्तियों की सूची में दर्ज कर दिया गया था।
तकनीकी त्रुटि से निष्क्रिय हुआ था आधार
सीआरएस पोर्टल पर गलत प्रविष्टि होने के कारण गीता रैकवार का आधार कार्ड स्वतः ही निष्क्रिय हो गया था। कलेक्टर के अनुरोध पर यूआईडीएआई राज्य कार्यालय भोपाल ने त्वरित संज्ञान लेते हुए रिकॉर्ड में सुधार किया और आधार कार्ड को पुनः सक्रिय कर दिया।

पीडीएस सूची में भी जुड़ा नाम
आधार कार्ड सक्रिय होने के बाद 22 जनवरी को कलेक्टर के निर्देश पर गीता रैकवार का नाम सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की सूची में भी जोड़ दिया गया है। अब उन्हें राशन सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
आवेदिका ने जताया आभार
आधार कार्ड पुनः सक्रिय होने पर गीता रैकवार ने जिला प्रशासन और कलेक्टर पार्थ जैसवाल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समय पर की गई कार्रवाई से उनकी बड़ी समस्या का समाधान हुआ है।
प्रशासन की संवेदनशीलता की सराहना
इस मामले को जिला प्रशासन की संवेदनशीलता और तत्परता का उदाहरण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की तकनीकी त्रुटियों के निराकरण के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है।