नई दिल्ली, 9 दिसंबर 2024: भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ट्रैविस हेड को आईसीसी ने क्रिकेट आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया है। दोनों प्लेयरों को एक-एक डिमेरिट पॉइंट दिया गया है और सिराज पर मैच फीस का 20% जुर्माना भी लगाया गया है। यह विवाद एक टेस्ट मैच के दौरान हुआ, जिसके बाद दोनों खिलाड़ी मीडिया में अपनी-अपनी दलीलें पेश करने में लगे हैं। इस रिपोर्ट में हम इस विवाद की पूरी कहानी, आईसीसी के निर्णय और दोनों खिलाड़ियों की प्रतिक्रियाओं का विश्लेषण करेंगे।

विवाद की शुरुआत: सिराज और हेड के बीच का टकराव
यह विवाद मैच के दूसरे दिन, 82वें ओवर के दौरान शुरू हुआ, जब ऑस्ट्रेलिया ने अपना सातवां विकेट गंवाया। ट्रैविस हेड 140 रन बनाकर सिराज के ओवर में आउट हुए। हेड ने सिराज के ओवर की तीसरी गेंद पर छक्का मारा, लेकिन सिराज ने अगली गेंद पर हेड को बोल्ड कर दिया। इसके बाद दोनों के बीच बहस हुई।
सिराज ने हेड को “सेंड ऑफ” (बाहर जाने का इशारा) किया और इसके बाद हेड ने भी सिराज से कुछ शब्द कहे। सिराज के जश्न मनाने के दौरान ऑस्ट्रेलियाई दर्शकों ने उन्हें हूट किया। दोनों के बीच यह विवाद आगे बढ़ा, जिससे क्रिकेट आचार संहिता के उल्लंघन की स्थिति उत्पन्न हुई।
आईसीसी का निर्णय और आचार संहिता का उल्लंघन
आईसीसी ने इस घटनाक्रम के बाद अपनी जांच शुरू की और पाया कि दोनों खिलाड़ियों ने आचार संहिता का उल्लंघन किया है। मोहम्मद सिराज को आईसीसी के कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.5 के तहत दोषी पाया गया, जो कि “अत्यधिक उत्तेजना या उत्तेजित व्यवहार” के लिए लागू होता है। वहीं, ट्रैविस हेड को आर्टिकल 2.13 के तहत दोषी पाया गया, जो “विरोधी खिलाड़ी से नकारात्मक या आक्रामक बातचीत” से संबंधित है।
आईसीसी द्वारा सिराज पर मैच फीस का 20% जुर्माना भी लगाया गया, जबकि हेड को केवल डिमेरिट पॉइंट ही दिया गया। दोनों खिलाड़ियों के लिए यह पहली गलती थी पिछले 24 महीनों में, इसलिए किसी पर भी मैच बैन नहीं लगाया गया। इसके चलते दोनों खिलाड़ी 14 दिसंबर से शुरू होने वाले ब्रिसबेन टेस्ट मैच में खेल सकते हैं।
सिराज और हेड की प्रतिक्रियाएं
विवाद के बाद दोनों खिलाड़ियों ने अपनी-अपनी बात रखी।
मोहम्मद सिराज ने तीसरे दिन के खेल से पहले एक इंटरव्यू में कहा, “जब मैंने उसे (ट्रैविस हेड) बोल्ड किया, तो मैंने केवल जश्न मनाया और उसने मुझे गाली दी। आप यह टीवी पर भी देख सकते हैं। मैंने उससे कुछ नहीं कहा।” सिराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा कि हेड ने झूठ बोला है। सिराज के अनुसार, हेड ने उनसे वेल बोल्ड कहने के बावजूद, खेल के दौरान कुछ अभद्र बातें कहीं, जिसे उसने जवाब में “सेंड ऑफ” के रूप में लिया।
ट्रैविस हेड ने दूसरे दिन के खेल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मैंने सिराज को वेल बोल्ड कहा था, लेकिन उन्होंने गुस्सा दिखाया और मुझे समझ में नहीं आया कि ऐसा क्यों किया।” हेड ने सिराज पर आरोप लगाया कि सिराज ने बेवजह गुस्सा दिखाया और विवाद को बढ़ाया, जबकि उन्होंने केवल सम्मानपूर्वक वेल बोल्ड कहा था।

आईसीसी की कार्रवाई और आगामी टेस्ट मैच
आईसीसी के इस निर्णय से यह साफ हो गया कि क्रिकेट के मैदान पर खिलाड़ियों को अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी है। दोनों खिलाड़ियों के बीच बहस का असर न केवल उनके खेल पर पड़ा, बल्कि पूरे मैच की स्थिति पर भी असर पड़ा। हालांकि, आईसीसी ने यह निर्णय लिया कि चूंकि यह दोनों की पहली गलती थी, इसलिए उन पर किसी तरह की मैच पेनल्टी लागू नहीं की जाएगी।
इसके साथ ही, दोनों खिलाड़ी 14 दिसंबर से शुरू होने वाले ब्रिसबेन टेस्ट मैच में खेलने के लिए उपलब्ध रहेंगे। आईसीसी का यह कदम यह दर्शाता है कि आचार संहिता के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाता है, लेकिन एक खिलाड़ी के पहले उल्लंघन को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया जाता।
आचार संहिता का महत्व और क्रिकेट में अनुशासन
क्रिकेट में आचार संहिता का पालन करना सभी खिलाड़ियों के लिए आवश्यक होता है। यह खिलाड़ियों को मैदान पर और बाहर अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है। आईसीसी की यह नीति, जिसमें डिमेरिट पॉइंट और जुर्माने जैसे कदम उठाए जाते हैं, खिलाड़ियों को उनके कृत्यों के परिणामों से अवगत कराती है। इस तरह की कार्रवाइयां सुनिश्चित करती हैं कि खेल निष्पक्ष और अनुशासित तरीके से खेला जाए।
मोहम्मद सिराज और ट्रैविस हेड के बीच का यह विवाद क्रिकेट की दुनिया में एक उदाहरण बन गया है कि कैसे मैदान पर और उसके बाहर खिलाड़ियों का व्यवहार महत्वपूर्ण होता है। हालांकि दोनों खिलाड़ियों को गंभीर दंड नहीं दिया गया, लेकिन आईसीसी द्वारा लिया गया निर्णय यह दर्शाता है कि आचार संहिता का उल्लंघन किसी भी स्थिति में अनदेखा नहीं किया जा सकता। दोनों खिलाड़ी अब 14 दिसंबर से शुरू होने वाले ब्रिसबेन टेस्ट मैच में खेल सकेंगे, लेकिन यह घटना क्रिकेट जगत में खिलाड़ियों के व्यवहार पर सवाल उठाने वाली रही है।