
मालथौन तहसील के ग्राम खैराई में उस समय उत्सव जैसा माहौल रहा जब क्षेत्र के लोकप्रिय युवा नेता अविराज सिंह ने ₹1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये की लागत से तैयार विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, सामाजिक प्रतिनिधि और पंचायत पदाधिकारी उपस्थित रहे।
विकास कार्यों की सूची:
अविराज सिंह द्वारा जिन प्रमुख कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया, उनमें शामिल हैं —
- ₹24 लाख की लागत से बने स्टापडेम का लोकार्पण
- ₹6 लाख की लागत से बनी सीसी रोड एवं नाली निर्माण का लोकार्पण
- ₹20 लाख की लागत से नाली निर्माण कार्य का लोकार्पण
- ₹20.80 लाख की लागत से बनने वाले पंचायत भवन का भूमिपूजन
- ₹10 लाख की लागत से ग्राम खैराई में दूसरे स्टापडेम का लोकार्पण
- ₹11 लाख की लागत से ग्राम इमलिया किशोर में आंगनवाड़ी भवन का भूमिपूजन
- ₹11 लाख की लागत से ग्राम मंगूस में स्टापडेम निर्माण कार्य का भूमिपूजन
- ₹2 लाख की लागत से इमलिया किशोर में मंदिर शिखर एवं चबूतरा निर्माण कार्य का लोकार्पण
धार्मिक कार्यक्रम में भी हुए शामिल:
कार्यक्रम के बाद युवा नेता अविराज सिंह ग्राम खैराई में बघेल समाज द्वारा आयोजित पंचकुण्डात्मक श्रीराम महायज्ञ में सम्मिलित हुए। उन्होंने मंच पर पहुंचकर कथावाचक श्री नवीन बिहारी जी महाराज को श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया और यज्ञ की कथा श्रवण करते हुए धर्म लाभ प्राप्त किया।

जनता को संबोधित करते हुए अविराज सिंह ने कहा:
“जब भी मैं खुरई विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर जाता हूं तो हर गांव, हर व्यक्ति की जुबां पर एक ही बात होती है – ‘आपके भूपेन्द्र भैया ने रामराज्य की स्थापना की है’। यह बात मेरे लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है।”
उन्होंने आगे कहा कि विकास की यह रफ्तार केवल एक शुरुआत है। हमारी प्रतिबद्धता है कि खुरई विधानसभा का हर गांव, गली, हर मोहल्ला विकास के मार्ग पर चले और उसमें धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों की निरंतर स्थापना होती रहे।

अविराज सिंह ने कहा:
“मुझे गर्व है कि आपको भूपेन्द्र भैया जैसे विनम्र, दूरदर्शी और धर्मनिष्ठ नेता मिले हैं, जिन्होंने तीन-तीन श्रीमद् भागवत कथाओं का आयोजन स्वयं अपनी विधानसभा में कराया है – जिनमें पूज्य संत कमल किशोर नागर जी, कनकेश्वरी देवी जी और मृदुल कृष्ण शास्त्री जी की कथा सम्मिलित है।”
उन्होंने यह भी कहा कि ये आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि नैतिक और सांस्कृतिक चेतना के केंद्र हैं।

रामकथा के महत्व पर बल देते हुए कहा:
“भगवान श्रीराम ने हमें सिखाया कि अपने अधिकार के लिए संघर्ष करना स्वार्थ हो सकता है, लेकिन दूसरों के अधिकार के लिए संघर्ष करना ‘न्याय’ है।”
“राम नाम से पाप भी नष्ट होते हैं और श्राप भी। रामकथा हमें मर्यादा, सेवा, और कर्तव्य की प्रेरणा देती है।”
अविराज सिंह का यह दौरा केवल विकास कार्यों की उद्घोषणा नहीं था, बल्कि एक गहरी सामाजिक-सांस्कृतिक संवाद यात्रा थी, जिसमें उन्होंने जनता के बीच जाकर यह संदेश दिया कि धर्म और विकास दोनों साथ-साथ चल सकते हैं। ग्रामीणों ने भी उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और आगे भी ऐसे प्रयासों की आशा जताई।
इस तरह मालथौन क्षेत्र के ग्राम खैराई में एक दिन विकास, धर्म और जनसंपर्क की त्रिवेणी के रूप में ऐतिहासिक बन गया।