युवा भाजपा नेता अविराज सिंह ने तपोवन तीर्थ पंचकल्याणक महोत्सव में लिया भाग, आचार्य श्री निर्भय सागर जी से मिला आशीर्वाद !

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चनाटौरिया, सागर | 18 अप्रैल 2025

सागर जिले के चनाटौरिया स्थित तपोवन तीर्थ क्षेत्र में आयोजित भव्य पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव के अवसर पर युवा भाजपा नेता श्री अविराज सिंह ने शिरकत की। इस पावन अवसर पर परम पूज्य आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज के ससंघ पावन सानिध्य में आयोजित इस धार्मिक समारोह में अविराज सिंह ने जैन धर्म के आदर्शों को याद किया और आचार्य श्री से आशीर्वाद प्राप्त किया।


महोत्सव का महत्व एवं अविराज सिंह की सहभागिता

  1. तीर्थंकर भगवान पद्मप्रभ की प्रतिमा के दर्शन:
  • अविराज सिंह ने सर्वप्रथम तीर्थंकर भगवान पद्मप्रभ की प्रतिमा के दर्शन किए और उनकी पूजा-अर्चना की।
  • उन्होंने आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज के समक्ष श्रीफल अर्पित कर वंदना की, जिसके बाद आचार्य श्री ने उन्हें आशीर्वाद दिया।
  1. संक्षिप्त उद्बोधन में जैन धर्म के प्रति श्रद्धा:
  • अविराज सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “चनाटौरिया में तपोवन तीर्थ क्षेत्र की स्थापना क्षेत्रवासियों के लिए सौभाग्य की बात है।”
  • उन्होंने कहा कि इस तीर्थ स्थल के माध्यम से लोगों को जैन संतों, आचार्यों और मुनियों के दर्शन व उनकी दिव्य वाणी सुनने का अवसर मिलता है।
  1. जैन समाज से पारिवारिक संबंधों का उल्लेख:
  • अविराज सिंह ने बताया कि उनके परिवार का जैन समाज से पीढ़ियों पुराना गहरा संबंध रहा है।
  • उन्होंने अपने पिता एवं पूर्व गृहमंत्री श्री भूपेंद्र सिंह के जैन धर्म से जुड़े योगदानों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने खुरई में गौशाला निर्माण, आचार्य श्री विद्यासागर चौराहे का निर्माण जैसे अनेक कार्य करवाए हैं।
  1. अहिंसा और शांति का संदेश:
  • अविराज सिंह ने जैन धर्म के अहिंसा के सिद्धांत की प्रशंसा करते हुए कहा कि “इस संदेश को अपनाकर विश्व से हिंसा समाप्त की जा सकती है।”
  • उन्होंने आचार्य श्री निर्भय सागर जी की दिव्य वाणी को “आत्मा को शांति व नई ऊर्जा देने वाली” बताया।

आचार्य श्री निर्भय सागर जी का आशीर्वाद एवं सम्मान

  • आचार्य श्री ने अविराज सिंह को आशीर्वाद देते हुए कहा कि “आपके पिता श्री भूपेंद्र सिंह जी सागर विश्वविद्यालय में मेरे समकालीन व सहयोगी रहे हैं।”
  • आयोजन समिति द्वारा अविराज सिंह को स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय सम्मान दिया गया।
  • अविराज सिंह ने इस सम्मान को “प्रेरणास्रोत व सदैव स्मरणीय” बताते हुए आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

धर्म और राजनीति का सामंजस्य

इस कार्यक्रम के माध्यम से अविराज सिंह ने न केवल जैन धर्म के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की, बल्कि सामाजिक सद्भाव व धार्मिक एकता का भी संदेश दिया। उनकी यह सहभागिता राजनीति एवं आध्यात्मिकता के बीच सकारात्मक समन्वय को दर्शाती है। आचार्य श्री के आशीर्वाद से उन्हें नई ऊर्जा मिली है, जो भविष्य में जनसेवा के कार्यों में सहायक होगी।

भविष्य की योजनाएँ:

  • तपोवन तीर्थ क्षेत्र के विकास में सहयोग की प्रतिबद्धता।
  • जैन समाज के साथ संवाद को और मजबूत करना।
  • अहिंसा और शांति के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना।

इस प्रकार, यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी बढ़ावा देने वाला साबित हुआ।

ब्यूरो रिपोर्ट, रिपब्लिक सागर मीडिया !

संवाददाता – अर्पित सेन
7806077338, 9109619237

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