विकासखंड रहली में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत एक आकर्षक एवं प्रेरणादायक रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के तत्वावधान में मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम (सीएमसीएलडीपी) के विद्यार्थियों द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जल के महत्व को दर्शाती सुंदर एवं सृजनात्मक रंगोलियां बनाई। रंगोलियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि “जल है तो कल है” और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

🎨 रंगोली के माध्यम से दिया जागरूकता का संदेश
प्रतियोगिता में भाग लेने वाली छात्राओं ने विभिन्न थीम पर आधारित रंगोलियां बनाई, जिनमें जल की बचत, वर्षा जल संचयन, नदियों और तालाबों के संरक्षण जैसे विषय प्रमुख रहे। इन रंगोलियों ने न केवल कार्यक्रम को आकर्षक बनाया, बल्कि उपस्थित लोगों को भी जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया।
छात्राओं की रचनात्मकता और संदेशात्मक प्रस्तुति ने सभी का ध्यान आकर्षित किया और कार्यक्रम को सफल बनाया।
📢 तीन चरणों में संचालित हो रहा अभियान
कार्यक्रम में ब्लॉक समन्वयक श्रीमती अंजली पाठक ने जल गंगा संवर्धन अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अभियान 19 मार्च से प्रारंभ होकर 30 जून तक चलेगा और इसे तीन चरणों में विभाजित किया गया है—
- प्रथम चरण: 19 मार्च से 27 मार्च
- द्वितीय चरण: 28 मार्च से 4 मई
- तृतीय चरण: 5 मई से 30 जून
उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों जैसे दीवार लेखन, रंगोली, जल संवाद, नदी-तालाबों में श्रमदान आदि के माध्यम से आमजन को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

🤝 सामुदायिक सहभागिता पर जोर
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना ही नहीं, बल्कि लोगों को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना भी है। सामुदायिक स्तर पर आयोजित इस तरह के कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
ब्लॉक समन्वयक श्रीमती अंजली पाठक ने छात्रों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई और उन्हें अपने दैनिक जीवन में पानी बचाने के लिए प्रेरित किया।
👩🎓 छात्रों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और परामर्शदाता उपस्थित रहे। सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए जल संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
छात्रों ने यह भी बताया कि वे अपने घर और आसपास के क्षेत्रों में भी जल बचाने के उपाय अपनाएंगे और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।

रहली में आयोजित यह रंगोली प्रतियोगिता केवल एक सांस्कृतिक गतिविधि नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का सशक्त माध्यम साबित हुई। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत इस प्रकार के आयोजन लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि यदि समाज के सभी वर्ग मिलकर प्रयास करें, तो जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।