शाम 6:30 बजे का दृश्य:
महाराणा प्रताप पार्क में जमा हुए लोगों के हाथों में मोमबत्तियां थीं, आंखों में आंसू और चेहरों पर गुस्सा। “भारत माता की जय” और “आतंकवाद मुर्दाबाद” के नारों से गूंजता हुआ यह जुलूस धीरे-धीरे गांधी प्रतिमा की ओर बढ़ा। रास्ते में शामिल होते गए लोगों ने इस मार्च को एक जनआंदोलन का रूप दे दिया।

भावुक पल:
गांधी प्रतिमा पर पहुंचकर सभी ने दो मिनट का मौन रखा। इस दौरान कई युवाओं के गालों पर आंसू थे, तो कई के हाथ मुट्ठियों में बंधे हुए। स्थानीय निवासी रीता शर्मा ने भावुक होकर कहा, “हमारे देश के बहादुर सैनिक और निर्दोष नागरिक क्यों मरें? कब तक हम आतंकवाद के आगे घुटने टेकते रहेंगे?”
प्रतीकात्मक विरोध:
मौन रखने के बाद आतंकवाद के एक विशाल पुतले को आग के हवाले किया गया। इस दौरान भीड़ से “वंदे मातरम” के उद्घोष गूंज उठे। पुतले के जलते ही लोगों ने एक स्वर में मांग की – “आतंकियों को फांसी दो!”
भाजपा नेता अभिषेक भार्गव का कड़ा बयान:
“पाकिस्तान की इस कायराना हरकत को हम कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम मांग करते हैं कि सरकार तुरंत कार्रवाई करे और इन आतंकियों को वह सजा दे जिसकी मिसाल सदियों तक दी जाए।”

युवाओं का रोष:
कॉलेज के छात्र अंकित वर्मा ने कहा, “हम युवा अब और नहीं सहेंगे। हम चाहते हैं कि सरकार पाकिस्तान को उसकी हरकतों का मजा चखाए।” उनके साथ खड़े सैकड़ों युवाओं ने “जय श्री राम” के नारे लगाए।
पुलिस की तैयारी:
इस पूरे प्रदर्शन के दौरान रहली पुलिस ने भारी सुरक्षा बल तैनात किए थे। एसडीओपी नितेश पाटिल ने बताया, “हम लोगों की भावनाओं को समझते हैं, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है।”

तीन मुख्य मांगें:
- पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों को तुरंत फांसी
- पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवादी देश घोषित किया जाए
- देश भर में आतंकवाद विरोधी कानूनों को और सख्त बनाया जाए
प्रदर्शन के अंत में सभी ने एक साथ राष्ट्रगान गाया। लोगों ने संकल्प लिया कि वे आतंकवाद के खिलाफ हमेशा खड़े रहेंगे और देश की एकता व अखंडता के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। यह प्रदर्शन साबित करता है कि रहली का हर नागरिक देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत है और आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेगा।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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