गुना, मध्य प्रदेश – राघौगढ़ तहसील के रामपुरा गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक युवा मां ने अपने दो साल के बेटे की हत्या करने के बाद खुदकुशी कर ली। हालांकि, पीड़िता के परिवार ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है।

घटना क्या हुई?
24 वर्षीय शिवानी लोधा, जिसकी शादी रामेश्वर लोधा से हुई थी, ने मंगलवार रात अपने दो साल के बेटे शिवाय को फांसी लगाकर मार डाला और फिर खुद भी फंदे से झूल गई। घटना की जानकारी मिलने पर ससुराल वालों ने उन्हें गुना के जिला अस्पताल ले जाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
परिवार का आरोप: हत्या की साजिश
शिवानी के पिता बुंदेल सिंह लोधा ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की हत्या की गई है। उनका कहना है कि:
- शिवानी के गले और सिर पर चोट के निशान हैं, जो फांसी के निशानों से मेल नहीं खाते।
- ससुराल वालों ने घटना के बाद तुरंत परिजनों को सूचना नहीं दी।
- उन्हें पहले गुना के एक निजी अस्पताल का पता दिया गया, लेकिन बाद में पता चला कि शव सरकारी अस्पताल में हैं।
बुंदेल सिंह ने दावा किया कि उनके दामाद रामेश्वर शराब के आदी थे और दहेज के लिए शिवानी को प्रताड़ित करते थे। दो दिन पहले भी उसने शिवानी की पिटाई की थी, जिसके बाद पुलिस को बुलाया गया था।
पति का रवैया और घरेलू हिंसा
शिवानी के परिवार के अनुसार, रामेश्वर लगातार शराब पीता था और पत्नी को मारता-पीटता था। मंगलवार रात भी दोनों में झगड़ा हुआ था, जिसके बाद शिवानी ने यह कदम उठाया। हालांकि, परिवार को संदेह है कि उसकी मौत हत्या के बाद सुसाइड का नाटक करके की गई है।

पुलिस कार्रवाई और जांच
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है, जिससे स्पष्ट होगा कि मौत का कारण फांसी है या हत्या। पीड़िता के परिवार ने ससुराल पक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
समाज में बढ़ती दहेज और घरेलू हिंसा की समस्या
यह घटना एक बार फिर दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा की ओर इशारा करती है। महिलाओं के खिलाफ हिंसा रोकने के लिए कड़े कानून होने के बावजूद ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पुलिस और प्रशासन को इस मामले में त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए ताकि न्याय मिल सके।
यह मामला एक ओर जहां मातृ-हत्या और आत्महत्या की दुखद घटना है, वहीं दूसरी ओर दहेज और घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों को उजागर करता है। पुलिस को तुरंत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और परिवार को न्याय दिलाना चाहिए।