राजगढ़ (भोपाल) में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के काफिले को टक्कर मारकर भागा ट्रक, पुलिस वाहनों को रौंदा: 6 थानों के 8 पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त !

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भोपाल के लालघाटी क्षेत्र में शुक्रवार शाम को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा के काफिले पर हुए एक हमले ने पुलिस और प्रशासन की नींद उड़ा दी। ट्रक चालक ने न केवल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के काफिले को टक्कर मारी, बल्कि उसके बाद वह 148 किलोमीटर तक उत्पात मचाता हुआ पुलिस से भिड़ता चला गया। ट्रक ने 6 थानों के 8 पुलिस वाहनों को रौंद डाला और एएसआई-हवलदार को कुचलने की कोशिश की। इस पूरी घटना ने पुलिस की प्रतिक्रिया प्रणाली और ट्रैफिक व्यवस्था की गंभीरता को उजागर किया।

घटनाक्रम की शुरुआत

गुरुवार रात 9:30 बजे भा.ज.पा. प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का काफिला लालघाटी के पास से गुजर रहा था। उसी दौरान एक ट्रक ने उनके काफिले के वाहन को टक्कर मारी, जिससे काफिले के सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत भोपाल पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित किया। कंट्रोल रूम से गांधी नगर पुलिस स्टेशन को यह सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस ने ट्रक को रोकने के लिए बेरिकेडिंग कर दी।

पुलिस के साथ ट्रक चालक की हिंसक मुठभेड़

जब पुलिस ने ट्रक को रोकने की कोशिश की, तो ड्राइवर ने पुलिस की बेरिकेडिंग तोड़ दी और ट्रक की गति बढ़ा दी। इस दौरान ट्रक ड्राइवर ने अपना स्थान बदलते हुए ड्राइविंग सीट पर अपने साथी को बैठा दिया। ट्रक को तेजी से लेकर वह राजगढ़ की ओर बढ़ने लगा।

पुलिस द्वारा पीछा और टक्कर की घटनाएं

पुलिस के जवानों ने ट्रक का पीछा किया। एसआई अयाज चांदा और एएसआई नीरज चोपड़ा ने अपनी टीम के साथ आरोपी ट्रक ड्राइवर का पीछा किया। वायरलेस संदेश के जरिए पुलिस को यह सूचना मिली कि आरोपी ट्रक को कचनारिया टोल प्लाजा के पास रोकने की कोशिश की गई, लेकिन ड्राइवर ने यहां भी रिवर्स कर पुलिस कर्मियों नीरज चोपड़ा और संतोष वर्मा को कुचलने की कोशिश की। इसके बावजूद पुलिस ने उनका पीछा जारी रखा।

इसके बाद, ब्यावरा-देवास रोड पर ट्रक की गति और खतरनाक हो गई, जिससे सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। इस दौरान आरोपी ने न केवल पुलिस वाहनों को टक्कर मारी, बल्कि आम जनता के वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया। ट्रक का पीछा करने वाली पुलिस टीम को काफी संघर्ष करना पड़ा।

ट्रक का पीछा करते हुए पुलिस और आम लोग

राजगढ़ के पचोर और उदनखेड़ी टोल तक लगभग 41 किलोमीटर की दूरी तक ट्रक ड्राइवर और उसके साथी ने पुलिस और आम वाहनों को टक्कर मारी, जिससे सड़क पर भारी जाम लग गया। अंत में, आरोपी ट्रक ड्राइवर अजय मालवीय और उसका साथी ट्रक से कूदकर भागने लगे। पुलिस ने अजय मालवीय को पकड़ लिया, जबकि उसका साथी फरार हो गया।

घायल पुलिस कर्मी और पुलिस वाहनों की स्थिति

इस पूरे घटनाक्रम में गांधी नगर थाना के एएसआई नीरज चोपड़ा और ब्यावरा देहात थाने के हवलदार संतोष वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने ट्रक को पीछा करते हुए कई पुलिस वाहनों को क्षतिग्रस्त होते देखा, जिनमें डायल 100 की गाड़ी भी शामिल थी।

आरोपी की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने घटनास्थल से अजय मालवीय को गिरफ्तार कर लिया। यह जानकारी ब्यावरा के देहात थाना प्रभारी गोविंद मीणा ने दी, जिन्होंने बताया कि ट्रक ड्राइवर और उसके साथी के खिलाफ गांधी नगर, कोहेफिजा, नरसिंहगढ़ और ब्यावरा देहात थानों में कुल चार एफआईआर दर्ज की गई हैं। अजय मालवीय के खिलाफ न केवल पुलिस कर्मियों पर हमला करने की धाराएं लगाई गई हैं, बल्कि ट्रक से पुलिस वाहनों को रौंदने और उत्पात मचाने की भी कई गंभीर धाराएं लागू की गई हैं।

घटना का सीसीटीवी फुटेज

टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों में ट्रक द्वारा पुलिस वाहनों को टक्कर मारने का वीडियो कैद हो गया। इससे यह साफ हुआ कि आरोपी ने जानबूझकर पुलिस के साथ टकराव किया और पुलिस को गंभीर रूप से चुनौती दी। सीसीटीवी फुटेज पुलिस जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है।

यह घटना न केवल पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जब तक ट्रक ड्राइवर या कोई अन्य व्यक्ति मानसिक और शारीरिक रूप से संतुलित न हो, तब तक आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षा और त्वरित प्रतिक्रिया आवश्यक होती है। पुलिस को इस तरह की घटनाओं के लिए और भी सख्त प्रशिक्षण और संसाधनों की जरूरत है, ताकि वे इस तरह की खतरनाक घटनाओं से निपट सकें और अपराधियों को सही समय पर पकड़ सकें।

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