भोपाल। भोपाल को पूर्वी भारत से जोड़ने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शाम 7:30 बजे भोपाल–धनबाद और भोपाल–चोपन एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वर्चुअल रूप से शामिल होंगे।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इन ट्रेनों के संचालन से मध्यप्रदेश, झारखंड और पूर्वी उत्तरप्रदेश के बीच यात्रा अधिक सुगम, सुरक्षित और किफायती बनेगी। साथ ही औद्योगिक और कोयला क्षेत्र से सीधा संपर्क मजबूत होगा।

उद्घाटन स्पेशल: भोपाल–धनबाद (01631/01632)
उद्घाटन के अवसर पर विशेष ट्रेन 01631 आज शाम 7:30 बजे भोपाल से रवाना होगी और विदिशा सहित निर्धारित स्टेशनों पर रुकते हुए अगले दिन शाम 7:20 बजे धनबाद पहुंचेगी।
वापसी में 01632, 25 फरवरी को रात 11:00 बजे धनबाद से प्रस्थान कर अगले दिन रात 10:35 बजे भोपाल पहुंचेगी।
नियमित भोपाल–धनबाद एक्सप्रेस (11631/11632)
यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन संचालित होगी:
- भोपाल से प्रस्थान: सोमवार, गुरुवार और शुक्रवार रात 8:55 बजे
- धनबाद आगमन: अगले दिन रात 8:20 बजे
- वापसी (धनबाद से): सुबह 7:20 बजे
- भोपाल आगमन: अगले दिन सुबह 7:00 बजे
प्रमुख ठहराव: विदिशा, गंजबासौदा, बीना, सागर, दमोह, कटनी मुरवारा, ब्योहारी, सिंगरौली, चोपन, रेनुकूट, नगर उंटारी, गढ़वा रोड, डाल्टनगंज, बरवाडीह, लातेहार, पतरातू, बोकारो थर्मल, चंद्रपुरा और कतरासगढ़।

नियमित भोपाल–चोपन एक्सप्रेस (11633/11634)
यह ट्रेन सप्ताह में एक दिन चलेगी:
- भोपाल से प्रस्थान: हर रविवार रात 8:55 बजे
- चोपन आगमन: अगले दिन सुबह 10:50 बजे
- वापसी (चोपन से): सोमवार शाम 5:10 बजे
- भोपाल आगमन: अगले दिन सुबह 7:00 बजे
प्रमुख ठहराव: विदिशा, गंजबासौदा, बीना, सागर, दमोह, कटनी मुरवारा, ब्योहारी, सिंगरौली, ओबरा डैम और चोपन।

आधुनिक सुविधाओं से लैस
दोनों ट्रेनों में कुल 22 एलएचबी कोच लगाए गए हैं, जिनमें एसी प्रथम श्रेणी, द्वितीय एसी, थर्ड एसी, स्लीपर, सामान्य श्रेणी, एसएलआरडी और जनरेटर कार शामिल हैं।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया के अनुसार अग्रिम आरक्षण शुरू हो चुका है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले स्टेशन, एनटीईएस या रेल मदद 139 से ट्रेन की ताजा स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
नई ट्रेनों के शुरू होने से भोपाल और पूर्वी भारत के औद्योगिक क्षेत्रों के बीच सीधा रेल संपर्क मजबूत होगा, जिससे यात्रियों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।